शिक्षा जगत के प्रेरणास्रोत जी.पी. लहरे नहीं रहे, क्षेत्र में शोक की लहर ज्ञान के दीपक का आकस्मिक अवसान

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

कोरबा (सुघर गांव) जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा के प्राचार्य स्वर्गीय जी.पी. लहरे जी (61 वर्ष) का शनिवार 16 मई की रात्रि हृदयघात से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग, विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राएं एवं क्षेत्रवासियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार 17 मई को गृह ग्राम अगरखार (पंतोरा) मुक्तिधाम में किया जाएगा। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र-पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
▪️ शिक्षा को बनाया सेवा का माध्यम
जी.पी. लहरे जी ने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा और संस्कार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका समर्पण और अनुशासन हमेशा प्रेरणादायक रहा।
▪️ व्यवहार कुशलता से जीता सबका दिल
वे सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। शिक्षक, छात्र, अभिभावक और ग्रामीणों के साथ उनका आत्मीय संबंध था। हर वर्ग के लोगों के साथ उनका बेहतर तालमेल उन्हें विशेष बनाता था।
▪️ विद्यालय परिवार में पसरा मातम
प्राचार्य जी के आकस्मिक निधन से विद्यालय परिवार पूरी तरह स्तब्ध है। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की आंखें नम हैं तथा हर कोई उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
 ▪️क्षेत्र ने खोया एक सच्चा मार्गदर्शक 
जी.पी. लहरे जी केवल एक प्राचार्य नहीं बल्कि समाज को दिशा देने वाले गुरु थे। उनके जाने से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।

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