कोरबा पत्रकार उदय चौधरी ने लगाया फर्जी FIR का आरोप कहा सच की आवाज दबाने की साजिश कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग, अनुच्छेद 19 और 21 के उल्लंघन का आरोप।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ

कोरबा ( सुघर गांव )। 24 अप्रैल 2026 कोरबा में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ कोरबा के जिलाध्यक्ष उदय चौधरी ने जिला प्रशासन को आवेदन सौंपकर पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

तीन हमले, तीन फर्जी FIR का आरोप :-  

उदय चौधरी का कहना है कि पिछले दो महीनों में उन पर तीन बार हमले हुए। हर बार उन्होंने थाने में शिकायत देकर हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। लेकिन आरोप है कि तीनों मामलों में हमलावरों द्वारा राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ काउंटर केस दर्ज करवा दिए गए, बिना किसी जांच के सबसे गंभीर बात यह कि उन्हें कभी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया। सीधे कोर्ट में पेश होने के नोटिस थमा दिए गए। इसे उन्होंने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया है।

हमले की शिकायत के बाद बदले की कार्रवाई :-

उदय चौधरी ने कहा कि हमले की शिकायत दर्ज कराने के बाद ही उनके खिलाफ लगातार फर्जी FIR का सिलसिला शुरू हुआ। उन्होंने इसे सीधा-सीधा प्रतिशोध यानी Revenge Action करार दिया। विज्ञप्ति में आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है और झूठे केस गढ़कर पत्रकार को फंसाया जा रहा है।

संवैधानिक अधिकारों पर हमला :-

 उदय चौधरी उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र में पत्रकारों की आजादी पर हमला है। यह घटनाक्रम संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a)अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21  जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हन है।

प्रशासन से 5 बड़ी मांगें :-
उदय चौधरी ने कलेक्टर और जिला प्रशासन से निम्न मांगें की हैं।

1. सभी तीनों FIR की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो
2. जांच पूरी होने तक सभी कानूनी कार्यवाही पर रोक लगे ।
3. थाना दीपका के संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच हो
4. दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए
5. उन्हें और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए आज मेरी बारी है, कल किसी और की होगी  अपनी भावुक अपील में उदय चौधरी ने कहा अगर आज एक पत्रकार को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है, तो कल किसी भी आवाज को कुचला जा सकता है। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, सच और न्याय की लड़ाई है।

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