विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव) जिले में सिंचाई संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर जिला पंचायत की सामान्य सभा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुष्मिता अनंत ने क्षेत्र के किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए स्टाप डेम के प्रभावी उपयोग की मांग रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां जल संरचनाएं बनी हुई हैं, वहां से आसपास के गांवों तक पानी पहुंचाने की ठोस योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके। सुष्मिता अनंत ने ग्राम बुंदेली पहरी और कुरूडीह में बने स्टाप डेम का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे जुड़े कई गांव आज भी सिंचाई सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन डेमों से नहर या पाइपलाइन के माध्यम से जल वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य बिंदु
स्टाप डेम का बेहतर उपयोग जरूरी क्षेत्र में निर्मित स्टाप डेम जल संरक्षण के महत्वपूर्ण साधन हैं, लेकिन उनका पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा। सुष्मिता अनंत ने इन संसाधनों को किसानों के हित में सक्रिय करने पर जोर दिया।
बुंदेली पहरी–कुरूडीह डेम से सिंचाई विस्तार उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इन डेमों से आसपास के गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएं, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सके।
अंतिम गांव तक विकास की सोच सुष्मिता अनंत का उद्देश्य क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उनके प्रयासों में हर वर्ग को शामिल करने की प्रतिबद्धता झलकती है।
जनसेवा में सक्रिय और लोकप्रिय नेतृत्व अपनी कार्यशैली, व्यवहार कुशलता और जमीनी जुड़ाव के चलते सुष्मिता अनंत आज क्षेत्र में एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनका सतत प्रयास है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
निष्कर्ष जिला पंचायत की बैठक में उठाया गया यह मुद्दा आने वाले समय में क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। यदि स्टाप डेम का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाता है, तो यह किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
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