मासूम पर वार,मानवता ने संभाला प्रभा सिंह तंवर बनीं उम्मीद की किरण,कटघोरा छात्रावास में सनसनी,वक्त पर मिली जिंदगी

मासूम पर वार,मानवता ने संभाला प्रभा सिंह तंवर बनीं उम्मीद की किरण,कटघोरा छात्रावास में सनसनी,वक्त पर मिली जिंदगी
         विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो 
कोरबा (सुघर गांव)। 30 मार्च 2026, जिले अंतर्गत कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में घटी एक भयावह घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया। नशे में धुत रसोइए द्वारा कक्षा 6 वीं के मासूम छात्र पर कुल्हाड़ी से हमला न सिर्फ अमानवीयता की हद पार करता है, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करता है। इस अंधेरे क्षण में जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस ग्रामीण एवं पूर्व सभापति जनपद पंचायत कटघोरा प्रभा सिंह तंवर मानवीय संवेदना की मिसाल बनकर सामने आईं। 
                           मुख्य बिंदु 
 जिम्मेदारी का अभाव पदस्थ और अनुपस्थित अधिकारी 
अधीक्षक विजय कुमार अवकाश पर थे,जबकि प्रभार अश्वनी कुमार कश्यप को सौंपा गया था। लेकिन उनकी गैर-जिम्मेदार उपस्थिति ने छात्रावास को असुरक्षा के हवाले कर दिया।
      मासूम पर दरिंदगी नशे में रसोइए का हमला
रसोइया केसर दुबे ने शराब के नशे में मासूम पुष्पेंद्र कंवर पर कुल्हाड़ी से वार किया,जिससे उसकी आंख के ऊपर गंभीर चोट आई। यह दृश्य बच्चों के मन में गहरे भय का कारण बन गया।
    प्रभा सिंह तंवर मानवता की सशक्त मिसाल
 डरे-सहमे बच्चों से घटना की जानकारी मिलते ही तंवर ने बिना देर किए घायल छात्र को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। उनकी तत्परता,करुणा और दृढ़ता ने एक जीवन बचाया - जो समाज सेवा की सर्वोच्च भावना को दर्शाता है।
     लापरवाही की परतें शिकायतों के बावजूद चुप्पी
 सूत्रों के अनुसार आरोपी पहले भी दुर्व्यवहार करता था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह लापरवाही अंततः इस गंभीर घटना में बदल गई।
           जन आक्रोश और सख्त मांगें
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आरोपी की बर्खास्तगी और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की मांग तेज कर दी है।
            पुलिस की कार्रवाई जारी
कटघोरा पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है,वहीं प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों का आईना है - जहां एक ओर संवेदनशील नेतृत्व उम्मीद जगाता है, वहीं लापरवाही सवाल खड़े करती है।

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