बजट पर प्रभा सिंह तंवर का तीखा प्रहार “महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट”
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 26 फरवरी 2026, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए ताजा बजट को लेकर महिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) कोरबा की जिलाध्यक्ष प्रभा सिंह तंवर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीण वर्ग की वास्तविक जरूरतों से दूर नजर आता है। प्रभा सिंह तंवर के प्रमुख मुद्दे
रसोई से जुड़े संकट पर चुप्पी
तंवर ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गृहिणियों पर पड़ता है, लेकिन घरेलू खर्च कम करने या सीधी राहत देने का ठोस प्रावधान दिखाई नहीं देता।
नारी सशक्तिकरण केवल घोषणा तक सीमित
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात तो कही गई, पर स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूह और लघु उद्योगों के लिए ठोस आर्थिक पैकेज का अभाव है।
गांव की बुनियादी जरूरतें अधूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी सुविधाओं के विस्तार पर स्पष्ट और प्रभावी योजना नजर नहीं आती।
बेटियों के भविष्य पर अस्पष्टता
छात्राओं की उच्च शिक्षा,कौशल विकास और रोजगार अवसरों को लेकर कोई नई क्रांतिकारी पहल सामने नहीं आई।
सामाजिक सुरक्षा जाल कमजोर
गरीब,विधवा और निराश्रित महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी या नई पहल का अभाव बताया गया।
भरोसे की जगह औपचारिकता
तंवर ने कहा कि बजट में बड़े दावे जरूर किए गए हैं, लेकिन आम महिला और ग्रामीण परिवार को तत्काल राहत देने वाला प्रभावी कदम नजर नहीं आता। अंत में उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि महिलाओं और ग्रामीण वर्ग की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए ठोस, पारदर्शी और परिणामकारी निर्णय लिए जाएं, ताकि बजट सच में जन कल्याण का दस्तावेज बन सके।
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