बजट पर सत्यनारायण पैकरा का बड़ा हमला “जनता को नहीं, सिर्फ आंकड़ों को मिला सहारा”

बजट पर सत्यनारायण पैकरा का बड़ा हमला “जनता को नहीं, सिर्फ आंकड़ों को मिला सहारा”
 महंगाई, बेरोजगारी और किसान मुद्दों पर सरकार को घेरा, बोले - जमीनी राहत अब भी गायब
          विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो 
कोरबा (सुघर गांव)। 26 फरवरी 2026, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत ताजा बजट पर कांग्रेस के पाली ब्लॉक (ग्रामीण) अध्यक्ष सत्यनारायण पैकरा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आम जनता के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि बजट में बड़े दावे जरूर हैं, लेकिन वास्तविक राहत का अभाव साफ दिखाई देता है। बजट पर सत्यनारायण पैकरा के प्रमुख आरोप
       महंगाई पर कोई ठोस राहत नहीं
पैकरा ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम परिवार परेशान हैं, लेकिन बजट में कीमतों पर नियंत्रण या सीधी राहत का स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता।
      बेरोजगारी पर वादे,योजना नहीं
 उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने की बात तो कही गई, पर कब, कैसे और कितने पद सृजित होंगे—इस पर कोई समयबद्ध कार्ययोजना नहीं दी गई।
            किसानों की अनदेखी
पैकरा ने आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य, सिंचाई सुविधा विस्तार और कर्ज माफी जैसे अहम मुद्दों पर सरकार ने स्पष्ट घोषणा नहीं की। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने का ठोस रोडमैप भी अनुपस्थित है।
    महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए निराशा 
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती और गरीब वर्ग की सामाजिक सुरक्षा के लिए कोई बड़ी नई योजना सामने नहीं आई।
      आंकड़ों का खेल,जमीनी हकीकत अलग 
पैकरा का कहना है कि बजट में बड़े आंकड़ों के जरिए विकास का चित्र पेश किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को राहत मिलती नहीं दिख रही।
          सरकार से की मांग 
सत्यनारायण पैकरा ने राज्य सरकार से मांग की कि जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संशोधित और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसान,युवा और आम नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को उम्मीद थी कि यह बजट राहत और भरोसे का संदेश देगा, लेकिन वर्तमान स्वरूप में यह अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया है।

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