उतरदा में गूंजी प्रेरणा की लेखनी,10 वीं-12 वीं बोर्ड परीक्षार्थियों को शिक्षक का संदेश,अभिभावकों से संवेदनशील अपील
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 21 फरवरी 2026, जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत उतरदा में स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा के हिन्दी व्याख्याता पी.पी. अंचल ने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश देते हुए अभिभावकों से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच की भी परीक्षा है। लक्ष्य और परिश्रम पर उनकी प्रेरक पंक्तियाँ विद्यार्थियों का मार्ग प्रशस्त करती हैं —
लक्ष्य अगर पाना मनुज, श्रम है मात्र विकल्प।
जानो मानों चल पड़ो, लेकरके संकल्प।।
दूजा सब भटकाव है, जाना गैर न राह।
उलझन में जीवन ढले, होना नहीं तबाह ।।
कहे विज्ञ आता नहीं, लिखकर कर तकदीर।
श्रम से बनता भाग्य है,सचमुच सच तदबीर।।
इसका भावार्थ है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से ही मनुष्य अपना भाग्य स्वयं गढ़ सकता है। साथ ही ‘माँ’ की ममता पर उनकी भावपूर्ण कविता —
माँ की ममता श्रेष्ठ जग, पावन है संसार।
इनकी आँचल के तले, सुरभित नित संस्कार।।
आने देती है नहीं, कभी कष्ट संतान।
इनके ही आशीष से, मिले शक्ति इंसान।।
कैसे कवि गाए भजन, किस विधि हो गुणगान।
माँ से बढ़कर जगत में,श्रेष्ट नहीं भगवान।। इस कविता का संदेश है कि माता-पिता का स्नेह, संस्कार और आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। पी.पी. अंचल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि परीक्षा के समय बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो। इसके स्थान पर उन्हें हौसला, विश्वास और सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, क्योंकि माता-पिता ही बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भी संदेश दिया कि पूरे वर्ष की गई मेहनत का प्रतिफल अब मिलने का समय है। वे दृढ़ इच्छा शक्ति, पूरे लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ें। उत्कृष्ट संघर्ष, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा की इस घड़ी को सफल बनाते हुए अच्छे अंकों से अपना और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें। उनका यह समग्र संदेश विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम बन रहा है।
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