राकेश कुर्रे की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा ( सुघर गांव )। जिले के जनपद पंचायत बलौदा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औराई कला में पंचायत प्रशासन की उदासीनता और मनमानी के चलते ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने की होड़ में गांव के सार्वजनिक रास्ते को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हुआ रास्ता
ग्रामीणों का आरोप है कि खेत मालिकों द्वारा भारी ट्रैक्टरों का अंधाधुंध परिचालन किए जाने से गांव का मुख्य मार्ग गहरे कीचड़ और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका है। यह वही स्थान है जहाँ गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चे रोजाना खेलते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण यहाँ हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
सरपंच का अभद्र व्यवहार, सचिव मौन
समस्या की शिकायत करने पर ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जब ग्रामीणों ने सरपंच श्रीमती अलका रात्रे को फोन कर समस्या बतानी चाही, तो उन्होंने समाधान निकालने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बीच में ही फोन काट दिया। वहीं, पंचायत सचिव बिंदिया कंवर ने भी इस मामले में चुप्पी साध रखी है, जिससे पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा और जनपद सीईओ बलौदा से गुहार लगाई है कि:
सार्वजनिक रास्ते की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
ट्रैक्टरों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किया जाए।
जनता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले और कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही रास्ता दुरुस्त नहीं हुआ और कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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