श्रममंत्री लखन लाल देवांगन जी को श्रमिकों का मंत्री कहलाने का कोई अधिकार नहीं– क्रान्तिकारी कलम योद्धा.
जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो प्रमुख (छ.ग.)
कोरबा सीटी_ ग्राउंड रिपोर्ट(सुघर गाँव)। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन पिछले कई वर्षों से कोरबा जिले के विधायक व छत्तीसगढ़ राज्य के श्रम, उद्योग और वाणिज्य मंत्री का पद सम्हाल रहे है। फैक्ट्री, उद्योग, पॉवर प्लांट,कारखाने, कोयला खदान अन्य से संबंधित शासकीय, अर्धशासकीय, प्रशासनिक विभागों के मंत्री होने बावजूद कार्यरत व बेरोजगार श्रमिकों के साथ लगातार शोषण और अत्याचार कोरबा जिले में जारी है।
सबसे ज्यादा कोरबा जिले के बेरोजगार श्रमिकों को स्वयं और परिवार का पालन पोषण करने के लिए रोजगार चाहिए वे बहुत ही आर्थिक संकट और कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे है। स्थाई बेरोजगारों को रोजगार के लिए उन्हें इधर उधर भटकना पड़ रहा है। दूसरी ओर निजी पॉवर कंपनियां और बड़े–बड़े कोयला खदानों ने अन्य प्रांत के बाहरी लोगों से लाखों रुपए–पैसे लेकर भारी संख्या में भर्ती किया और काम करवाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवसियों के द्वारा शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने बावजूद धरना प्रदर्शन या आंदोलन करने पर सीधे जेल की हवा खानी पड़ रही है। आखिर यह सब खेल किसके संरक्षण में हो रही..?
गरीब किसान मजदूर, श्रमिक के पास ना पैसा है और न हीं अच्छी डिग्री। जिसका फायदा उठाकर कोयला खदानों के निजी कंपनियों ने गैर स्थानीय और स्थाई निवासियों के साथ रोजगार देने के नाम पर अवैध पैसा वसूली करने जरिया बना रखा है।
एसईसीएल मानिकपुर ,कुसमुंडा, गेवरा, दिपका और बाल्को वेदांता, एनटीपीसी अन्य कंपनियों ने स्थाई निवासियों को महत्व व रोजगार नहीं दे रही और उनकी उपेक्षा की जा रही है। वे वर्षों से रोजगार की समस्या से जूझ रहे है। परंतु इन सब बातों को दरकिनार करते हुए श्रम मंत्री जी अपनी विनाश के रास्ते पर चलने वाली राजनीति से केंद्र और छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल को खुश करने में व्यस्त है।
क्रांतिकारी कलम योद्धा की कलम से..
बता दें कि कुछ चाँटूकार पत्तलकारों ने टीआरपी और चंद पैसों के लिए भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार, चिकित्सा, रोटी, कपड़ा और मकान अन्य को छोड़कर धार्मिक आस्था, जाति भेदभाव की गंदी राजनीति वाली खबरों को बढ़ा–चढ़ा कर दिग्गज नेताओं के इशारों पर कदम से कदम मिलाकर उनके जूते चाटने का काम करते है और यही वजह है कि दिग्गज नेताओं की कार्यशैलियों पर उंगली नहीं उठाते। इन सब मामलों से परे भोलीभाली जनता को आसानी से बेवकूफ बनाकर अपना राजनीतिक सत्ता चमकाते रहते है। अपनी मंत्री माहिमा मंडल का गुणगान कर राज्य को भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ा दिया गया है। वही सरगुजा संभाग में बिना ग्राम सभा के कोयला खदान खुलवा दी गई है अदानी को खुश करने के लिए। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ियों के ऊपर हो रहे लगातार शोषण और अत्याचार न्याय संगत नहीं होने का मुख्य कारण यहां की जिम्मेदार और जवाबदार दिग्गज नेता है। एक तरफ जमीनी स्तर पर आर्थिक रूप सेे कमजोर जोकि रोटी,कपड़ा और मकान, रोजगार के लिए छत्तीसगढ़िया लोग त्राहिमाम है तो दूसरी ओर शासकीय विभागों के सरकारी दस्तावेजों में कूट रचना व भारी भरकम भ्रष्टाचार कर निर्दोष व्यक्तियों को जेल भिजवाने का काम कर रही ये भाजपा सरकार।
मंत्री जी व्यस्त, बेरोजगार है रोजगार पाने के लिए त्रस्त–
श्रम विभाग से संबंधित बेरोजगार स्थाई श्रमिकों के संबंध में लगातार हमारे द्वारा ख़बर प्रकाशित की जाती रही है तो हमारी ख़बर मंत्री जी तक पहुंचती भी होगी। आप हमे बताए कि आपकी नजरे क्यों कतराती है हमारी खबरों को पढ़ने से अन्यथा आप खबर पढ़ कर साइलेंस मोड पर क्यों बैठे रहते हैं, कोरबा बाल्को अल्युमिनियम प्लांट, एनटीपीसी पावर हाउस, एसईसीएल में रोजगार उपलब्ध कराने मामले पर बेरोजगार भू–स्थापित और स्थाई निवासियों पर ही पुलिस एक्शन आखिर क्यों.? आप जिले के समस्त पावर प्लांट और एसईसीएल और निजी कंपनीयों के ऊपर आखिर एक्शन क्यों नहीं लेते.? क्या आप भी पैसों के लिए बिक चुके हैं अन्यथा किसी बात के लिए डरे हैं.? क्या इसीलिए जनता ने आपको कोरबा विधायक,श्रम,उद्योग,वाणिज्य मंत्री के रूप में चुना है.? अगर चुना है तो यह लोकतंत्र की हत्या है। हमारा साफ, सटीक, बेबाक और निष्पक्ष कहना है कि अगर आप इसी तरह अपना शासकीय कार्य को अंजाम देते रहे तो वह दिन दूर नहीं, कि जनता आपकी कुर्सी भी छीन लें। ध्यान रहे कि जनता, लोकतंत्र, और चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने का प्रयास शासनिक, प्रशासनिक अमले में जारी है, परंतु यह भूल न करें कि सच्चाई छुप नहीं सकती, हमारी कलम सदा सच्चाई के लिए समर्पित है– स्वतंत्र कलम की आवाज

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