सरगुजा:– कोयला खदान विस्तार पर स्थानीय ग्रामीण, आदिवासियों ने पुलिसकर्मियों के ऊपर किया पथराव.. किसानों पर एफआईआर दर्ज.
जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो छग.
सरगुजा (सुघर गांव)। सरगुजा में आदिवासियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है। यह घटना अमेरा खुली कोयला खदान के विस्तार को लेकर हुई, जहां ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर, गुलेल और डंडों से हमला किया। इस हमले में सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों सहित दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उनके एक 12वीं के छात्र को हिरासत में लिया था, जिसके विरोध में उन्होंने पुलिस पर हमला किया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि उन्होंने भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और ग्रामीणों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। इस घटना के बाद पुलिस ने भी सख्ती बरती और आंसू गैस के गोले छोड़े। कई ग्रामीण भी घायल हुए हैं। तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को खदेड़ दिया है।
हमले में पुलिसकर्मियों के अलावा 12 से ज्यादा ग्रामीणों को भी चोट आई हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
लोकतंत्र पर सीधा वार–
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम परसोडीकला का दृश्य लोकतंत्र को शर्मिंदा करने वाला है। जहां गुजरात की एक निजी कंपनी से सरकारी खदान में उत्खनन कराया जा रहा है और विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों पर पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस बरसाई गई।

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