ग्राम जोरहा डबरी बस्ती में कामता रात्रे के अध्यक्षता से बाबा गुरु घासीदास जी की 269वी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,कार्यक्रम में उपस्थित विधायक प्रेमचंद पटेल,मुकेश जायसवाल,सभापति कमलेश कुर्रे, मुकेश रात्रे (अध्यक्ष सतनाम सेवा समिति ) सरपंच, उप सरपंच,एवं समस्त ग्रामवासी रहे उपस्थित।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

कोरबा ( सुघर गांव ) । जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जोरहा डबरी में निवासरत सतनामी समाज द्वारा कामता रात्रे के अध्यक्षता में बाबा गुरु घासीदास जी की 269वी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,कार्यक्रम में उपस्थित विधायक प्रेमचंद पटेल,मुकेश जायसवाल
,सभापति कमलेश कुर्रे, मुकेश रात्रे (अध्यक्ष सतनाम सेवा समिति ) सरपंच,उपसरपंच,समस्त पंचगण
,ग्रामवासियों द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आपको बता दे,कि इस कार्यक्रम में सतनामी समाज सैकड़ो की संख्या में शामिल हुए,आपको बता दे,कि समाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया हमारे द्वारा हर वर्ष संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जयंती हर साल 18 दिसंबर को मनाया जाता है,और इस साल 24 दिसम्बर 2025 को हर्षोल्लास के साथ मनाए है,18 दिसंबर संत गुरु घासीदास बाबा के जन्मदिन का प्रतीक है,गुरु घासीदास के पिता का नाम महंगूदास और माता का नाम अमरौतिन था, जिनका जन्म छत्तीसगढ़ के गिरौदपुर गाँव में हुआ था, और वे सतनाम पंथ के संस्थापक थे, जिन्होंने सामाजिक समानता और भाईचारे का संदेश दिया,गुरु घासीदास बाबा ने "मनखे - मनखे एक समान का संदेश दिया और सामाजिक कुरीतियों, जैसे जातिवाद और भेदभाव को खत्म करने के लिए काम किया, 18 दिसम्बर को छत्तीसगढ़ में बड़े उत्साह से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। 18 दिसंबर को हमारे समाज के कुलगुरु गुरु घासीदास बाबा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में, जिन्होंने सतनाम पंथ की स्थापना किया और समानता, सत्य,अहिंसा का प्रचार किया,गुरु घासीदास बाबा जी का जन्म 1756 में छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में हुआ था. मूर्ति पूजा का खंडन,पशु बलि का विरोध,व्यसन से मुक्ति, और सभी मनुष्यों के लिए समानता का संदेश दिया है। और राज्य में इसे एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है.गुरु घासीदास बाबा ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

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