सारंगढ़ टाईम्स (संपादक) ने "हरिजन" गालीसूचक शब्दों का लेखन कर किया ख़बर वायरल..

सारंगढ़ टाईम्स (संपादक) ने "हरिजन" गालीसूचक शब्दों का लेखन कर किया ख़बर वायरल..

स्थानीय निवासियों तथा भीम आर्मी में आक्रोश का माहौल, दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग तेज.


जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो प्रमुख छत्तीसगढ़


रायपुर(सुघर गांव)। सारंगढ़ टाइम्स क्षेत्रीय न्यूज़पेपर में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अपमान जनक हरिजन शब्द का प्रयोग किया गया है। उक्त संबंध में संपादाक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। दिनांक 03/11/2025 को क्षेत्रीय न्यूज़पेपर सारंगढ़ टाइम्स में एक आर्टिकल छापा गया है जिसमें लालधुआं, कपिस्दा, जोगनीपाली, धीरामढ़ा, बंजारी में आने वाले 17 नवंबर 2025 को होने वाले जनसुनवाई के संबंध में पिछड़ा वर्ग, आदिवासी को होने वाले जनसुनवाई के संबंध में पेपर प्रकाशित किया है ख़बर प्रकाशन कर पिछड़ा वर्ग, आदिवासी समुदाय, तथा हरिजन लोग इन पांचो गांव में निवास करते है इस तरह की शब्दों का अखबार में लेख किया गया है। स्थानिय ग्रामीणों व भीम आर्मी ने तथाकथित पत्रकार को किसी गांव के विषय में विशेष जनजाति पर खबर प्रकाशित व टिप्पणी अशोभनीय है।  


एक पत्रकार का कार्य संबंधित क्षेत्र में हो रही समाज से संबंधित सच्ची घटनाओं को लेकर खबर प्रकाशन करना चाहिए परंतु संबंधित क्षेत्र के ग्राम वासियों और आम जनता की संबंधित समस्याओं और सौहार्द को दरकिनार कर एक विशेष वर्ग के साथ जाति भेदभाव किया गया। शोषण के विरुद्ध,आम जनता की आवाज, किसान, मजदूर, मेहनतकश,गरीब जनता, शोषित, वंचित, पीड़ित, लोगों के संबंध में खबर प्रकाशन करने बजाय व बिना जानकारी के अभाव में बिना शब्दों का चयन किये अज्ञानता को दर्शाता है।



बता दें कि 10 फरवरी सन् 1982 में तत्कालीन माननीय केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए "हरिजन" शब्द एक गाली सूचक" शब्द है। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 24 मार्च सन् 2017 में फैसला कर "हरिजन" को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अपमान जनक शब्द बताते हुए "हरिजन" शब्द को पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके उपरांत भी सारंगढ़ टाइम्स के संपादक अमितेश केसरवानी द्वारा ऐसे अपमान व आपतिजनक शब्द का प्रयोग कर अपने न्यूजपेपर में जानबूझ कर ख़बर चलाया गया। एक पत्रकार को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए। परंतु इस कृत्य से एक विशेष वर्ग बहुत ही आहत महसूस कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य की शांत फिजाओं में विशेष धर्म जाति के साथ भेदभाव कर निम्न स्तर की सोच रखने वाले सारंगढ़ टाइम्स संपादक ने छत्तीसगढ़ राज्य में दंगा फैलाने का कार्य विशेष वर्ग के लिए खबर प्रकाशन कर की जा रही।


ज्ञात हो कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ जिला इकाई सारंगढ़ की ओर से आरोपी संपादक के विरुद्ध संबंधित B.N.S.कि धाराएं सहित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 एससी, एसटी एट्रोसिटी एक्ट की धारा 3(1)(आर) 3(1)(एस) के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है।

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