स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा में बाल दिवस पर भव्य एवं आकर्षक बाल मेले का आयोजन ।


विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ

कोरबा (सुघर गांव) जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) उतरदा में बाल दिवस के अवसर पर भव्य बाल मेले का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी कला, प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति :- 

 इस अवसर पर *मुख्य अतिथि के रूप में प्रेमचंद पटेल, विधायक—विधानसभा कटघोरा उपस्थित रहे। साथ ही कार्यक्रम को गौरवान्वित करने हेतु कई विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए— सरपंच प्रतिनिधि सुन्दर सिंह मरावी , शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष समोस सागर , उपसरपंच राकेश जायसवाल , एसएमसी अध्यक्ष उत्तर कुमार खुसरो एवं विनोद कुमार डहरिया , विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार मरावी एवं ऋषिकेश चौहान सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार द्वारा पुष्प मालाओं और बुके भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत :- 

बाल मेले की शुरुआत सरस्वती माता की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथियों ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बाल मेले का शुभारंभ किया। यह क्षण छात्रों में उत्साह और रोमांच का वातावरण उत्पन्न करने वाला रहा।
 
छत्तीसगढ़ी स्वाद की महक से महका बाल मेला :-

बाल मेले की मुख्य आकर्षण रही बच्चों द्वारा तैयार की गई छत्तीसगढ़ी पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजन चीला , ठेठरी–खुरमी , फरा , बोरे बासी शैली के व्यंजन , देसी नाश्ते और मीठे पदार्थ अतिथियों एवं सभी आगंतुकों ने इन व्यंजनों का स्वाद लेते हुए बच्चों की मेहनत, स्वावलंबन और रचनात्मकता की सराहना की।

शैक्षणिक समन्वय और उत्कृष्ट मार्गदर्शन :- 

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य जी. पी. लहरे ने की। उनके विशेष मार्गदर्शन में विद्यालय के चारों सदनों— ज्ञान, शौर्य, वीरता और संस्कृति सदन—ने अपने-अपने स्टॉल, व्यंजन,प्रस्तुति और प्रबंधन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया सदन प्रभारियों, व्याख्याताओं तथा शिक्षक–शिक्षिकाओं ने बच्चों को तैयारी से लेकर प्रस्तुति तक हर चरण में प्रेरित और मार्गदर्शन प्रदान किया, जो सराहनीय रहा।
 
चारों सदनों की सक्रिय सहभागिता :-

 उत्साहपूर्वक भागीदारी, सृजनात्मक प्रस्तुति, अनुशासित आयोजन, और सामूहिक सहयोग के माध्यम से बाल मेले को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

कार्यक्रम का उद्देश्य और प्रभाव :

बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाना , सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना , स्वावलंबन और प्रायोगिक ज्ञान को प्रोत्साहित करना , टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करना कार्यक्रम इन सभी उद्देश्यों पर खरा उतरा और बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित हुआ।

समापन :-

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार, अतिथियों तथा अभिभावकों ने संयुक्त रूप से बाल मेले की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। बच्चों का उत्साह और उनकी प्रतिभा देखकर सभी ने भविष्य में ऐसे आयोजनों को और भी भव्य रूप देने का आश्वासन दिया।

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