प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

 कोरबा ( सुघर गांव न्यूज ) 8 अगस्त 2025 जिले में जिला परियोजना समग्र शिक्षा जिला कोरबा के जिला मिशन समन्वयक मनोज पांडेय पर उसी के मातहत महिला सहायक कार्यक्रम समन्वयक द्वारा चरित्र हनन,मानसिक प्रताड़ना एवं अन्य संगीन आरोप लगाया गया हैं, जिसकी शिकायत जिला प्रशासन कोरबा एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारियों को भी शिकायत पत्र सौपा गया है,जिस पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कोरबा एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा जिला प्रशासन एवं अन्य उच्चाधिकारियों को उक्त शिकायत पर मनोज पांडेय को  पद से हटाते हुए जांच कर आवश्यक  कार्यवाही करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था, जांच में विलंब को देखते हुए प्रताड़ित महिला अधिकारी द्वारा उक्त संगीन मामलों को लेकर सिविल लाइन थाना कोरबा में प्रथम प्राथमिकी सूचना (FIR) दर्ज भी कराई जा चुकी है,लेकिन मनोज पांडे डीएमसी द्वारा महिला प्रताड़ना,चरित्र हनन एवं अन्य गंभीर आरोप के गवाह को विभागीय कार्यवाही का भय दिखाकर मानसिक प्रताड़ना के उद्देश्य से विभागीय कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। ताकि गवाह को भयाक्रांत किया जा सके। ज्ञातब्य हो कि प्रताड़ित महिला अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोप पर विभागीय जांच दल द्वारा उक्त शिकायत की जांच की जा रही थी इसी दरमियान आरोपी मनोज पाण्डेय DMC द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला इकाई कोरबा के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश बघेल (शिक्षक) जो कि समग्र शिक्षा संकुल केंद्र कोटमेर में  संकुल शैक्षिक समन्वयक के रूप मे कार्यरत है। एवं छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष के पद पर भी कार्यरत हैं। जिन्हें मनोज पांडेय डीएमसी समग्र शिक्षा कोरबा द्वारा अनेक माध्यमों से उक्त मामले पर समझौते हेतु प्रयास किया जाता है। समझौता से इनकार किए जाने की स्थिति में स्वयं के द्वारा कार्यालय में आने हेतु वाइस कॉलिंग एवं व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज चेटिंग कर कार्यालय बुलाया जाता है। इनके मैसेज का प्रभाव पर अमल नहीं होने पर कोरबा जिले के एक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष के माध्यम से पुनः समझौते हेतु सूचना प्रेषित किया जाता है। इसे भी इनकार किए जाने के बाद 22 जुलाई 2025 को ओमप्रकाश बघेल के नाम जारी कारण बताओ सूचना पत्र जो कि पत्र जारी होने के 10 वां दिवस 01 अगस्त को सम्बंधित को प्राप्त हुआ, इतनी कछुआ चाल से प्रदाय सूचना पत्र का आशय संसय को जन्म देता है,आखिर आज के समय में  हाईटेक संदेश प्रेषण के विभिन्न माध्यम होने के बावजूद भी पत्र पहुँचने में 10 दिवस का समय लगना एवं उक्त कारण बताओ सूचना पत्र मे यह उल्लेख करते हुए की आपके द्वारा अपने अधिकारी के खिलाफ बिना जांच निर्णय आए  बगैर वेब न्यूज़, प्रिंट मीडिया एवं अन्य समाचार पत्रों में अपने अधिकारी के खिलाफ में समाचार प्रकाशित करवाया गया है जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत आता है तत संबंध में तीन दिवस के अंदर अपना स्पष्टीकरण विभाग में प्रस्तुत करें अन्यथा आपके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। ओमप्रकाश बघेल द्वारा उक्त कारण बताओ सूचना पत्र के सम्बन्ध मे प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया की मनोज पांडेय जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा कोरबा जो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ एवं छ. ग. कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन के कोई अधिकारी नहीं है। ओमप्रकाश बघेल स्वयं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन जिला कोरबा के जिला प्रवक्ता हैं, जिन्हें प्रताड़ित महिला अधिकारी द्वारा ब्यक्तिगत संघीय पद को सम्बोधित कर शिकायत पत्र दिया गया था। तत संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ एवं छ.ग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के लेटर पेड का उपयोग करते हुए उक्त शिकायत पर जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु जिला प्रशासन एवं अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया था, ना कि संकुल शैक्षिक समन्वय के दायित्व के आधार पर,और ना ही कोई संकुल शैक्षिक समन्वय संघ के लेटर पैड में अपने अधिकारी के खिलाफ कोई समाचार प्रकाशित कराया गया है।डीएमसी मनोज पांडेय  द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र का स्पष्ट आशय एवं उद्देश्य है,कि प्रताड़ित महिला के पक्ष में गवाह देने वाले कर्मचारी ओम प्रकाश बघेल जो कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत समन्वयक हैँ को मानसिक उत्पीड़न दिया जाए। साथ ही विभागीय कार्यवाही का भय दिखाकर गवाह को प्रभावित किया जाए ताकि गवाह भयाक्रांत होकर प्रताड़ित महिला के पक्ष में गवाही देने से डर जाए।आपको बता दे,कि ओमप्रकाश बघेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष छ.ग. प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ एवं जिला प्रवक्ता छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कोरबा के नाम पर कारण बताओ सूचना जारी किए जाने को दुर्भाग्य जनक बताया गया। और लाजमी प्रश्न उठाते हुए कहा कि मनोज पाण्डेय DMC समग्र शिक्षा पर कदाचरण से सम्बंधित बड़ी घटना का आरोप लगे होने एवं पुलिस मे FIR दर्ज होने के बाद भी ऐसे आरोपी अधिकारी का कार्य ब्यवहार एवं आचरण सिविल सेवा आचरण नियम 1995 का उलंघन नही है,आज तक आरोपित अधिकारी के खिलाफ विभागीय उच्चाधिकारियों या जिला प्रशासन द्वारा कारण बताओ सूचना जारी क्यों नही किया गया, क्या छोटे कर्मचारियों के लिए ही सिविल सेवा आचरण नियम है दुर्भाग्य जनक है। तत्कालीन वर्ष 2023 मे ऐसे ही प्रकरण जिसमे केवल मानसिक प्रताड़ना का आरोप के मामले का बिना जाँच किए ही BRC कोरबा को पद से हटाते हुए सेवा से निलंबित किया गया था।फिर DMC  ऐसे कौन सा घुट्टी पी कर आये है,कि जिनके ऊपर कदाचरण से सम्बंधित विभिन्न संगीन आरोप के साथ 75(1) के तहत पुलिस मे प्रकरण कायम है फिर इन्हें पद से हटाते हुए क्यों नही निलंबित किया जा रहा है विचारणीय है। उक्त मामले पर ओमप्रकाश बघेल प्रताड़ित महिला अधिकारी पक्ष के गवाह छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कोरबा , श्री जे पी खरे प्रदेश सचिव छ.ग. शासकीय लिपिक वर्गीय संघ एवं कार्यकारी संयोजक छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन जिला कोरबा,तरुण सिंह राठौर संभागीय अध्यक्ष छ.ग. शिक्षक संघ एवं जिला महासचिव छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कोरबा,एस एन शिव जिलाध्यक्ष छ.ग. राज्य कर्मचारी संघ एवं महासचिव छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन जिला कोरबा, प्रकाश खाकसे जिलाध्यक्ष छ.ग. दिब्यांँग अधिकारी कर्मचारी संघ जिला कोरबा द्वारा जिला प्रशासन कोरबा से मांग किया है,कि ऐसे अधिकारी जिन पर कदाचार  से सम्बंधित गंभीर आरोप हैँ जिनके द्वारा महिला जाति के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे आचरण किया गया है तथा जिसके नाम पर धारा 75(1) की प्रथम प्राथमिकी सूचना पुलिस मे दर्ज है।ऐसे अधिकारी को पद मे बने रहने का कोई अधिकार नही है इन्हें पद से हटाते हुए इनके मूल पद पर तत्काल कार्यमुक्त किए जाने की कार्यवाही किया जाय।अन्यथा उक्त मामले को लेकर कोरबा समग्र शिक्षा के समक्ष उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन एवं विभाग की होगी।