मुड़ापार-कोरबी मार्ग कीचड़ में तब्दील, ठेकेदार की लापरवाही से ठप हुआ आवागमन,बच्चों ने लगाई गुहार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल ने दिया भरोसा – “जनता की समस्या होगी दूर”


विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ

कोरबा ( सुघर गांव )। जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनाई जा रही मुड़ापार-कोरबी सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ठेकेदार की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के कारण सड़क दलदल में बदल चुकी है। स्कूली बच्चों से लेकर मरीज तक इस मार्ग पर फंसे रहते हैं। एम्बुलेंस जैसी जरूरी सेवा भी इस रास्ते से नहीं गुजर पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने भूमिपूजन के बाद महीनों तक काम शुरू नहीं किया। बारिश आने पर केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति की, जिससे पूरी सड़क कीचड़युक्त होकर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
राजनीतिक रसूख का ढाल बना ठेकेदार :- ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत करने पर ठेकेदार खुद को सांसद बृजमोहन अग्रवाल का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाने की कोशिश करता है। अधिकारी भी उसके आगे असहाय नजर आते हैं। जब ईई नाग साहब थे, तब थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन वर्तमान में अधिकारी पूरी तरह ठेकेदार पर निर्भर दिख रहे हैं।

निकिता मुकेश जायसवाल ने दिखाया संवेदनशील रवैया :-

इस समस्या को लेकर आज स्कूली बच्चे व ग्रामीण जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। निकिता जायसवाल ने बच्चों की बात को गंभीरता से सुना और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल आश्वासन दिया कि आगामी 29 अगस्त 2025 को होने वाली जिला पंचायत बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा जाएगा।

उन्होंने कहा :–“जनता की समस्या मेरी अपनी समस्या है। बच्चों और ग्रामीणों को कठिनाई हो, यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैं इस विषय को कलेक्टर साहब के संज्ञान में भी लाऊँगी और ठेकेदार व अधिकारियों को जवाबदेह बनाऊँगी।” ग्रामीणों ने निकिता जी की व्यवहार कुशलता, मिलनसार स्वभाव और जनहित के प्रति सजगता की सराहना की। उनका कहना है कि उपाध्यक्ष हमेशा हर वर्ग की समस्या को गंभीरता से सुनती हैं और समाधान की दिशा में ठोस पहल करती हैं।

कब सुधरेगी सड़क..?

स्थानीय विधायक को भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठे, तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अब नजरें जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता जायसवाल की पहल और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही इस ज्वलंत समस्या का समाधान मिलेगा।


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