विष्णु यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव)। जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत हरदीबाजार में वर्षों से संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है। यह समस्या केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी हुई है। खदान क्षेत्र होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिनमें तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। लेकिन चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को पाली या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे कई बार जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। इस जमीनी हकीकत को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल ने जिला पंचायत की आमसभा बैठक में इस गंभीर विषय को मुखरता के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि "स्वास्थ्य सुविधा किसी भी समाज की बुनियादी ज़रूरत है, और जब हरदीबाजार जैसे दूरस्थ क्षेत्र में डॉक्टर ही न हों, तो आमजन कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं?" उन्होंने हाल ही की एक मार्मिक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत उतरदा के बरपारा मोहल्ले में एक व्यक्ति की कुएं में डूबने से मौत हो गई, लेकिन पोस्टमार्टम के लिए भी डॉक्टर को पाली से बुलाना पड़ा। वहीं महिलाओं के प्रसव जैसे नाजुक मामलों में मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
निकिता जायसवाल की यह पहल न केवल उनकी संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि एक सच्चा जनप्रतिनिधि वही होता है, जो लोगों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन को जगाने का कार्य करे।
🔹 अब समय आ गया है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और हरदीबाजार जैसे क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए।
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