सुशील इंडस्ट्रीज में मिनरल वाटर के नाम पर बेचीं जा रही दूषित पानी,बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा आर ओ प्लांट,खाद्य FOOD विभाग आखिर क्यों नही कर रही कार्यवाही।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ  

कोरबा ( सुघर गांव )।  जिले के नगर निगम क्षेत्र के दादर वार्ड नंबर 30 परसुराम नगर स्थित सुशील इंडस्ट्रीज के नाम पर अवैध पानी प्लांट संचालन किया जा रहा जो घर पर ही संचालित हो रहा है जो नियम के विरुद्ध है। आपको बता दे,कि सुशील इंडस्ट्रीज के द्वारा मिनरल वाटर के नाम पर दूषित पानी जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।वह पानी इस पानी प्लांट से बेचा जा रहा है। यह दूषित पानी बोतल, डब्बा और पाउच पैक में उपलब्ध कराया जा रहा है।और क्षेत्र के इस स्थान पर नकली उत्पादों की बिक्री लगातार जारी है । जांच में यह बात सामने आया है कि यह आरओ प्लांट बिना किसी लाइसेंस के संचालित किया जा रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से इस अवैध कारोबार पर कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। इस दूषित पानी के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होने का संभावना है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग किया है। क्षेत्र में गर्मी बढ़ते ही बोतल बंद वह ठंडा पाउच के पानी की बिक्री बढ़ जाती है। मांग बढ़ने से इनके ब्रांडों की संख्या भी दिनों दिन बढ़ रही है। ना तो पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता है और ना ही मानक का। नगर निगम क्षेत्र के दादर के इस फैक्ट्री से जहां पानी डिब्बों में भरकर घरों , दुकानों और कार्यालयो में सप्लाई किया जा रहा है। यहां पानी के पाउच भरने का काम भी होता है। जिनकी कीमत 10 से 20 रुपए प्रति डिब्बा तथा 2 रुपए पाउच है। यह पानी कितने पीने योग्य नहीं है। बोतलों पाउचों में कंपनी का नाम पता रजिस्ट्रेशन नंबर आदि तो लिखा है। लेकिन कंपनियां कही सरकारी अभिलेख में दर्ज ही नहीं है। ना टंकी की सफाई, ना फिल्टर का पता वाटर प्लांट में स्वच्छता का नामोनिशान नहीं होता। जिन टंकियां में पानी भरा रहता है, वह भी साफ नहींं दिखाई दे रहा है, पानी को फिल्टर किया जाता है कि नहीं, इसे देखने वाला कोई नहीं। टंकी से पानी निकाल कर सीधा डिब्बों में भरा जाता है। पानी पाउच शहर में 2 रुपए का बेचा जाता है उसमें अक्सर गंदगी निकलती है।
इस संबंध में तहसीलदार ने कहा है की शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।ने खास पड़ताल की तो पता चला कि फूड अधिकारियों की मिली भगत से कई अवैध पानी फैक्ट्रियां संचालित हो रही है। अवैध फैक्ट्रियां से हर महीने मोटी रकम की फूड अधिकारियों के द्वारा वसूली किया जा रही है।

फ़ूड अधिकारी संघर्ष मिश्रा को कई बार फोन लगाने पर भी फोन रिसीव करने का नहीं लेते नाम ऐसा क्यो ?

फोन ना उठाने की “बीमारी”बनी समस्या, कोरबा में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठने लगे सवाल आखिर क्यों ?

शहर में कुछ अधिकारियों द्वारा फोन ना उठाने की आदत अब आमजन के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। चाहे कोई आपात स्थिति हो या जरूरी जानकारी लेनी हो, कई अधिकारी ना तो फोन रिसीव करते हैं और ना ही समस्याएं गंभीरता से सुनते हैं। जनता का कहना है कि यह अधिकारी किसके प्रति जवाबदेह है, यह तो परमात्मा ही जाने, लेकिन निश्चित रूप से आमजन के प्रति जवाब देही का भाव इनमें नहीं दिखता। लोग बार-बार कॉल करते हैं, लेकिन उन्हें कोई उत्तर नहीं मिलता, जिससे सरकारी कामकाज में देरी और सुविधा बढ़ जा रही है। जनता का आक्रोश अब बढ़ने लगा है और मांग की जा रही है कि प्रशासन इस गैर जिम्मेदाराना रवैए पर संज्ञान ले और आवश्यक कदम उठाए, ताकि अधिकारी जनता से संवाद में लापरवाही ना बरत सके।

Post a Comment

0 Comments