विष्णु कुमार यादव, जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव)। पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत उतरदा स्थित आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में अग्रणी रहा है। 1986 से संचालित यह विद्यालय आज भी शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद की गतिविधियों में लगातार योगदान देता आ रहा है। लेकिन, संसाधनों की कमी इस उत्कृष्ट प्रयास को कहीं न कहीं बाधित कर रही है।
विज्ञान संकाय की शुरुआत, लेकिन अधूरी व्यवस्था
विद्यालय में हाल ही में विज्ञान संकाय प्रारंभ किया गया, जो छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। किंतु हैरानी की बात है कि अब तक प्रयोगशाला सहायकों के तीन पद रिक्त पड़े हैं। विज्ञान संकाय की सफलता के लिए प्रयोगशाला सहायक की नियुक्ति अनिवार्य है, क्योंकि छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान के बिना विज्ञान शिक्षा अधूरी रह जाती है।
प्रमुख समस्याएं जो प्रशासनिक ध्यान की मांग करती हैं।
1. आत्मानंद विद्यालय में रूपांतरण के बाद भी मरम्मत कार्य अधूरा है।
2. प्रयोगशाला सहायक के तीन पद लम्बे समय से रिक्त हैं।
3. छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त कक्षों का अभाव है
4. प्यून (चपरासी) की संख्या भी बेहद कम है, जिससे विद्यालय संचालन प्रभावित होता है।
5. विज्ञान शिक्षा के लिए DMF फंड से आधुनिक प्रयोगशाला की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
व्यावसायिक शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर।
वर्ष 2016 से विद्यालय में आईटी और हेल्थ केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जो SAGES उतरदा के अंतर्गत संचालित है।
छात्रों को निम्नलिखित कौशलों में प्रशिक्षण मिल रहा है:
हिंदी टाइपिंग
कंप्यूटर हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर का परिचय
प्रिंटर रिफिलिंग व फोटो कॉपी
ऑनलाइन बिल भुगतान व फॉर्म भरने का अभ्यास
प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, शरीर की संरचना, रोगों की पहचान आदि।
विद्यालय का उद्देश्य
"शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और आत्मनिर्भरता की नींव है।"
यह विद्यालय इसी उद्देश्य के साथ छात्रों को सक्षम, नैतिक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए संकल्पित है।
समाधान की आवश्यकता – प्रशासन से अपेक्षा
यह आवश्यक हो गया है कि शासन-प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पंचायतें मिलकर इस विद्यालय की समस्याओं पर ध्यान दें। यदि आवश्यक पदों की शीघ्र नियुक्ति हो और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, तो यह विद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं का उत्कृष्ट केंद्र बन सकता है।
निष्कर्ष कैसे होगा
सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार की अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसे विद्यालयों में संसाधनों की कमी इस नीति के उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगाती है। उतरदा जैसे स्कूलों को पर्याप्त संसाधन मिलें, तभी सशक्त भारत के निर्माण का सपना पूरा हो सकता है।
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