प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव )। जिले के कुसमुंडा स्थित एसईसीएल कोयला खदान में फिर एक बार कोयला चोरी का मामला सामने आया लगातार ये कोयला चोरी का सिलसिला दिनोदिन बढ़ती नजर आ रही है।आपको बता दे,कि कुछ ही दिन पहले 4 ट्रेलरों में 84 टन कोयला चोरी का मामला सामने आया हुआ था,लेकिन फिर एक और ओवरलोड ट्रक पकड़ाए जाने से फिर खलभली मच गई है। बताया जा रहा है,कि सूत्रों के अनुसार पकड़ा गया ट्रक क्रमांक CG 10 BM 9236 ओवरलोड कोयले से भरा हुआ था।लेकिन वही आशंका जताया जा रहा कि यह वाहन भी चोरी के कोयले को लेकर खदान से बाहर निकाला जाता है। बताया जा रहा है,कि यह ट्रक बिलासपुर जिले का है और पहले भी डीजल चोरी जैसे मामलों में संदिग्ध रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह सूचना मिली सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त किया, लेकिन ट्रक चालक मौके से भाग निकला।पुलिस ने अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।
कुसमुंडा प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहा है।और लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने कुसमुंडा खदान की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिया हैं।
"आखिर कोयला चोरी में किसका है हाँथ,कौन दे रहा इन्हे संरक्षण ?
"क्या वर्षों से चोरी चल रहा चोरी का ये सिलसिला?
"क्या इस बड़े पैमाने के कोयले चोरी में एसईसीएल प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियां और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स की मिलीभगत है?
क्या नही रहा खदान की सुरक्षा,आखिर क्यों हों रहे फेल?
क्या यह नेटवर्क केवल स्थानीय नहीं बल्कि बड़े अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ है ?
क्या ऐसे मामलों को पहले दबाने की कोशिश किया गया है ?
क्या परिवहन कंपनियों की भूमिका संदिग्ध है ?
क्या सुरक्षा बल केवल खानापूर्ति करते है उनका कोई जिम्मेदारी नही ?
क्या यह चोरी का कोयला अवैध बाजार में कारोबारियों को बेचते है ?
"क्या सुरक्षा एजेंसियां की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी पैमाने में चोरी संभव है ?
क्या कई ट्रक पहले ही चोरी का कोयला लेकर निकाले जा रहे है,चोरी के कोयले आखिर बेरियल से पार कैसे होते है ?
क्या डीजल,कोयला चोरी एक ही सिंडिकेट द्वारा हों रहा है ?
आपको बता दे,कि इस मामले की जांच जारी हों चुका है,लेकिन् जवाब का इंतजार है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है।लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार आरोपियों तक पहुंचा जा पाएगी। या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाईल दबा दी जाएगी ? अब देखने वाली बात यह होगी कि इस चोरी के धागे कहां तक जुड़ा हैं। और इस मामले के पीछे कौन कौन चेहरों का होगा पर्दाफाश ।
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