प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव ) जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़ापार के सरपंच श्रीमती सिल्की कुंवर सिंह राज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख व प्रथम त्यौहार हरेली को माना जाता है, जिसे "हरेली तिहार" भी कहते है। यह त्यौहार श्रावण महीने में मनाया जाता है, जो आमतौर पर जुलाई या अगस्त के महीनों में होता है। हरेली का मतलब हरियाली है, और यह त्यौहार किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना है, क्योंकि यह कृषि और खेती से जुड़ा होता है।
हरेली मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के किसानों द्वारा मनाया जाता है। यह उनकी फसलों और कृषि उपकरणों के प्रति आभार व्यक्त करने का समय होता है।इस दिन, किसान अपने हल, बैल, और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं, और अच्छी फसल के लिए प्रार्थना किया करते हैं. हरेली के दिन, बच्चे और युवा बांस से बनी गेड़ी पर चढ़कर आनंद लेते हैं। गेड़ी एक पारंपरिक खेल है जो छत्तीसगढ़ में लोकप्रिय है.इस दिन,घरों में विशेष छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसे ठेठरी, खुरमी, गुलगुला, और गुड़ का चीला भी बनाए जाते हैं।हरेली के अवसर पर, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोक नृत्य, लोक संगीत, और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन शामिल होता है.हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग है। यह किसानों के जीवन में खुशी और समृद्धि लाता है, और अच्छी फसल के लिए उनकी प्रार्थनाओं का प्रतीक है. छत्तीसगढ़ में हरेली के अलावा,दशहरा, मड़ई उत्सव, और पोला जैसे अन्य महत्वपूर्ण त्यौहार भी मनाए जाते हैं। ग्राम पंचायत मुड़ापार के सरपंच श्रीमती सिल्की कुंवर सिंह राज ने देश प्रदेश वासियों को हरेली की दिया हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।
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