प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव )। जिले के कटघोरा ब्लॉक अंतर्गत जवाली में सन 1990 में ग्राम जवाली के किसान अंजोरसाय पटेल जी के श्रद्धा एवं सोच के अनुरूप अपने दादा - परदादा पूर्वजों की जमीन जहां पर उनके जीविकोपार्जन खेती-बाड़ी कार्य से होता है प्रतिदिन स्नान ध्यान के बाद भगवान भोलेनाथ में जल अर्पण के संस्कार को शुरू करने के लिए मुरई कछार खोलार नदी के किनारे जवाली में शिवलिंग स्थापित करके पूजा अर्चना का कार्य प्रारंभ किया जो आज इस क्षेत्र में आस्था का केंद्र बन गया है भगवान भोलेनाथ के इसे मंदिर के रूप देने का समय जवाली और सिंघाली को पुल मार्ग से जोड़ने का कार्य करने वाले श्री मारुति कंपनी छुरी के सेठ अग्रवाल जी के द्वारा मंदिर निर्माण हेतु प्राप्त सहयोग राशि 21000 रुपए नींव का पत्थर बना जिसमें सत्य सनातन धर्म के मानने वाले धर्मावलंबी श्रद्धालुओं के 108 परिवार द्वारा प्राप्त सहयोग धनराशि से मंदिर का निर्माण सन 2014 - 15 से किया गया जहां अनवरत रूप से समयानुसार उनके भक्तों द्वारा श्रद्धा भक्ति से यहां पर पूजा अर्चना की जा रही है ।
इस तृतीय सावन सोमवार में भी भगवान भोलेनाथ के भक्तों में मातृ शक्तियों द्वारा बेलपत्र धतूरा फुल जलाभिषेक कर श्री फल चढ़ाएं इस प्रातः कालीन बेला पर ग्राम के पूर्व सरपंच संगीता कवंर, गिरजेश्वरी बलराम केंवट, कन्हैयालाल ब ईगा, रमेश,दिल कुमार, विश्राम सिंह, श्रीमती नामदेव, डॉली सारथी, उमा, सुमित्रा, दिल बाई, सुमित, रुचि द्विवेदी, सीमा रजक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। आज ग्राम जवाली के इस शिव मंदिर की स्थापना के 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं इस अवसर पर संबंधित परिवारों ने विशेष पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण कार्य में सहयोग किया प्रातः काल से संध्या तक चली इस आयोजन में लगभग 12 घंटे तक प्रसाद वितरण का कार्य किया गया इस पावन कार्य में सहयोग करने वाले दानदाताओं में बालन प्रजापति शिक्षिका मैं अपने घर से खीर प्रसाद बनाकर वितरित किया।
हलवा एवं सेंवई प्रसाद हेतु सीमा दिल कुमार परिवार, राकेश्वरी मालती आराधना परिवार, राजकुमारी मैडम मनोज साहू शिवरीनारायण का परिवार, कन्हैया समिति कर्मचारी के सहयोग से रसद सामग्री प्राप्त हुई जिसे प्रसाद बनाने वाले कार्यकर्ताओं में राजकुमार अग्रवाल ,महिपाल, कान्हा जी,ची की ,मनोज पटेल ने विशेष सहयोग प्रदान किया। प्रसाद वितरण कार्य समयदानी कार्यकर्ता पुरुषोत्तम विधायक,रामायण सिंह ,सीमा आदि ने सहयोग किया।
आगामी भोजली पर्व की तैयारी-
भक्त मंडली महिला मंडली द्वारा आगामी पर्व भोजली मनाने की योजना तैयार की गई जिसके अनुसार नाग पंचमी के दिन भोजली बोने का कार्य समीर कुंभकार के घर में नियमानुसार किया जाना है जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है । जिसके अंतर्गत एक दिन रात्रि कालीन मातृ शक्तियों के द्वारा भजन कीर्तन किया जाना है इस स्थानीय परंपरा संस्कृति के समृद्ध विरासत को आगे बढ़ने का सुंदर अवसर अनुसार छत्तीसगढ़ में मान्यता है कि इस पर्व के दिन मित्रता सखी भोजली रिश्ता बनाने का कार्य वर्षों से चला रहा है जिसे जीवन भर निभाया जाता है । रक्षाबंधन के दूसरे दिन रविवार को भजन कीर्तन झांकी के माध्यम से भोजली विसर्जन का कार्य किया जाना है जिसके लिए समस्त ग्राम वासियों को यथाशक्ति सहयोग की अपेक्षा आयोजकों द्वारा की गई है।
0 Comments