31 वे दिन जवाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवाली में किया गया शाला प्रवेशोत्सव : महज औपचारिकता,बच्चों में खुशी का माहौल।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

कोरबा ( सुघर गांव )। जिले में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में शाला प्रवेशोत्सव की योजना 15 जून से प्रारंभ कर दी गई हैजिसके अनुसार जन भागीदारी के सहयोग से शिक्षा के महत्व को बतलाना और विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़ना शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में प्रवेश दिलाना ग्राम जवाली के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मे भी शाला प्रबंधन शिक्षा समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव,जंतलाल तांडिया जनपद सदस्य प्रत्याशी, पूरन पटेल साक्षरता प्रेरक , प्रवेश हेतु उपस्थित अभिभावकों में तीरथ राम कुर्रे आदि उपस्थित सदस्यों के द्वारा माता सरस्वती की पूजा अर्चना कार्यक्रम से आरंभ हुई शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य प्रस्तावना रखी गई नव प्रवेशी बच्चों को समयानुसार विद्यालय आने हेतु प्रेरित किया गया उनके उत्साह में वृद्धि हो इसके लिए पुस्तक गण वेश वितरण किया गया नवप्रवेशी बच्चों को टीका वेस लगाकर स्वागत करते हुए उनका मुंह मीठा कराकर आज 31 वें दिन पूर्वाह्न उपरांत शाला प्रवेशोत्सव की महज औपचारिकता निभाई गई। यह की एक माह पूर्व से स्कूल खुला हुआ है किंतु अब तक प्रवेश की सारी प्रक्रियाओं के अंतर्गत पुस्तकों का वितरण ड्रेसों को बांटने का कार्य एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं।
 इससे अध्ययन- अध्यापन कार्य में नियमितता नहीं आई है जबकि देश और प्रदेश में वर्तमान में डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी सभी कार्यों को समय अनुसार पूरा नहीं किया जा रहा है जो चिंता का विषय है ।संबंधित विद्यालय के अनुशासन और परीक्षा परिणाम का गिरता स्तर - विगत तीन चार वर्षो से विद्यार्थियों के दर्ज संख्या में गिरावट आई है माध्यमिक शाला और उच्चतर माध्यमिक शाला का संचालन पहले अलग-अलग दो पालियों में होता रहा है किंतु अब वर्तमान में नई शिक्षा नीति एकीकरण युक्ति करण के आदेश अनुसार एक ही पाली में विद्यालय का संचालन किया जाना है यहां दर्ज संख्या 125 माध्यमिक शाला + 250 उच्चतर माध्यमिक शाला कुल मिलाकर के 375 छात्र-छात्राएं अध्यनरत है पहले दर्ज संख्या लगभग 500+ की रहती थी आसपास में इस विद्यालय का अपना विशेष ख्याति रहा कारण विद्यालय में नियमित प्राचार्य का कार्य भार रहता था जिससे संचालन का कार्य अनुशासन तरीके से रहता था किंतु अब संबंधित विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के रूप में उच्च शिक्षा कर्मी वर्ग 1 को प्रभार दिया गया है जिसके कारण पूर्व से कार्यरत रहने की वजह से मित्रता पूर्वक व्यवहार से शिक्षक शिक्षिकाओं का विद्यालय में आने जाने व अनुशासन का कोई दबाव नहीं रहता, प्रभारी का अर्थ ही होता है दूसरे इन पर भारी जिसके कारण इसका प्रभाव विद्यालय के परिणामों से प्रदर्शित होता है इन सब का एक कारण यह भी है पिछले पंचवर्षीय सरकार के अनुसार पार्टी स्तर के प्रतिनिधियों के विद्यालय संचालन में नियुक्त कर शासन स्तर से भेजना जो पार्टी हितैषी चापलूस पसंद प्रवृत्ति होते हैं जो विद्यालय के विभिन्न आयोजनों में केवल स्वल्पाहार तक सीमित रह जाते हैं इससे विद्यालय की मूल समस्या यथावत रहते हैं अतः सभी शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम बैठकों की सूचना पंजी होनी चाहिए जिसमें ग्राम के प्रमुख पढ़े लिखे गणमान्य लोग, बुद्धिजीवी वर्ग से, सेवानिवृत्ति शिक्षक कर्मचारी गण जो विद्यालय कार्यों से जुड़कर सक्रिय रूप से सहयोग करने वालों तक समस्त जानकारी पहुंचनी चाहिए जिससे सब कर्मचारी गण सजग होकर विद्यालय में कार्य करेंगे तो स्वमेव शिक्षा हेतु उचित वातावरण बन जावेगा । ग्राम जवाली के इतने बड़े शासकीय विद्यालय में लगभग 36 शिक्षक शिक्षिकाएं नौकरी के माध्यम से जीवन यापन कर रहे हैं किंतु कोई भी शिक्षक गांव में निवास होकर अपनी ड्यूटी नहीं करते दूर से आते हैं और महज औपचारिकता निभाते हैं ना हि उनके बच्चे संबंधित विद्यालय में अध्ययन करते हैं इस प्रकार की चिंता सभी शासकीय विद्यालयों में है जिससे शिक्षक गण अपने कार्यों को पूर्ण निष्ठा से कर नहीं पाते हैं क्योंकि स्वयं के बच्चे की पढ़ाई हेतु अपने विद्यालय में संतुष्ट नहीं होते इसलिए अन्यत्र निजी विद्यालयों में शिक्षा अध्ययन का कार्य करवाते हैं । शिक्षक गण अपनी स्वतंत्रता हेतु अनुशासन का किसी भी प्रकार का कोई दबाव न हो इस हेतु शाला प्रबंधन शिक्षा समिति में उन पालकों को सदस्य बनाते हैं जो कुछ बोल नहीं पाते जो अपने बच्चों के पढ़ाई में किसी भी प्रकार का बुरा प्रभाव न पड़े इस वजह से डरते रहते हैं । इस बार का शाला प्रवेश उत्सव महज औपचारिकता इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि संबंधित संकुल के बच्चे अपने क्षेत्र के इस विद्यालय में प्रवेश नहीं ले रहे हैं कारण विद्यालय के पढ़ाई लिखाई अनुशासन का वातावरण विगत दो-तीन वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम चिंतनीय रहा है । विद्यालय के चार कर्मचारी अटैच में रहकर अन्य क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे हैं जबकि इस विषय यहां पर के कर्मचारियो को उच्च अधिकारियों प्रशासन के दबाव में प्राचार्य द्वारा यहां से रिलीव करना मजबूरी है । पुरानी यादों को ताजा करते हुए एक समय 20 वर्ष पूर्व विद्यालय में उद्यान जैसी व्यवस्था, कुछ प्रमुख शिक्षकों को आवासीय कॉलोनी में रहना, हॉस्टल अधीक्षकों का रहना, बच्चों का राष्ट्रीय स्तर तक खेलों में जाना उपस्थित अभिभावकों ने याद किया। विगत 5 वर्षों के वृक्षारोपण का एक पौधा का संरक्षण भी ना कर पाना एक पेड़ मां के नाम भावना को ठेसपहुंचाना , सभी शासकीय भवनों का उचित रखरखाव की अभाव में खंडहर सा हो जाना -सुरक्षा में नियंत्रण ना रहना , गाय बैलों के लिए गौशाला बनना , विद्यालय में जनप्रतिनिधियों के ठेकेदारों के द्वारा गुणवत्ता विहीन नवनिर्मित भवनों का कमीशन शासन प्रशासन कड़ी दर कड़ी पहुंचाना भी प्रमुख कारण है। उक्त शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में माध्यमिक शाला और उच्चतर माध्यमिक शाला के समस्त शिक्षक शिक्षिकाए सहित कक्षा छठवीं और नवी के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।शिक्षा सत्र 2025- 26 मैं अब तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ,वृक्षारोपण गुरु पर्व और उसके पश्चात यह शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम मनाया गया है ।

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