सिलादेही,गतवा में रेत माफियों द्वारा चैन माउंटेन लगा कर अवैध उत्खनन,परिवहन और भंडारण किया जा रहा

सिलादेही,गतवा में रेत माफियों द्वारा चैन माउंटेन लगा कर अवैध उत्खनन,परिवहन और भंडारण किया जा रहा 
     हसदेव नदी का सीना चीरकर रेत माफिया का चल रहें अवैध उत्खनन और परिवहन, खनिज विभाग पर लग रहा मिलीभगत का आरोप
    जांजगीर - चाम्पा (सुघर गांव )। 04 मई 2025,
जिले की हसदेव नदी में पानी की धार कम होते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सिलादेही,गतवा से होकर गुजरने वाली हसदेव नदी का सीना चीरते हुए रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे है। जबकि सरकार ने रेत के अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भी खनिज अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दे कर आंख बंद कर मौन साधे संरक्षण देने में लगे है।
  करोड़ों का कारोबार कर रहे रेत माफिया
 हसदेव नदी में इन दिनों पानी की धार कम हो चुके है। इसके चलते जगह - जगह रेत का टापू सा बन गया है और अवैध रेत भण्डारण का खेल जारी हैं। 
यह टापू रेत माफियाओं के लिए किसी वरदान से कम नजर नहीं आ रहा है। यहां तक इन्हीं टापूओं से रेत माफिया हाइवा व ट्रैक्टर से सैकड़ों ट्रिप रेत निकाल रहे हैं और करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। जिसे देख कर भी सरकार आंखें मूंद ली है। सरकार यदि इसमें रायल्टी जारी करती तो हर रोज लाखों का आया शासन को होता, लेकिन सरकार ने रेत माफियाओं पर शिकंजा नहीं कस कर खुली छूट दे रखी है। खास कर महानदी में सबसे ज्यादा रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है।
          प्रतिदिन 05 लाख का टर्न ओवर
स्थानीय लोगों ने बताया कि हसदेव की धार कम होते ही रेत माफिया अपना काला कारोबार शुरू कर दिए हैं। एक दिन में 05 - 05 लाख रुपए की रेत निकाली जा रही है। प्रत्येक हाइवा के पीछे 04 से 05 हजार रुपए ली जा रही है। एक दिन में सैकड़ों ट्रिप ट्रैक्टर व हाइवा निकाल कर रेत माफिया 05 से 07 लाख रुपए का हर रोज कारोबार कर रहे है। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की प्रमुख वजह खनिज अफसरों से मिलीभगत होने का आरोप लगा है।
 खनिज राजस्व विभाग को रेत माफिया लगा रहें लाखों करोड़ों की चुना,विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से कारोबार फल फुल रहा 
   यही वजह है कि खनिज विभाग की जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कार्यवाही करने में नजर अंदाज कर रहे हैं। हसदेव और महानदी दोनों की बीच शिवरीनारायण बिलासपुर मुख्य मार्ग किनारे अवैध रेत का भण्डारण कर रेत माफिया बेखौप होकर अपना हौंसला बुलंद किए लाखों करोड़ों की कमाई कर खनिज राजस्व विभाग को चुना लगा रहा हैं। विभागीय अधिकारियो की मिलीभगत होने पर रेत माफिया को संरक्षण मिल रहा हैं, तभी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रहें हैं। जिससे अवैध रूप से बड़े पैमाने पर रेत माफियों का कारोबार फल फुल रहा हैं।
कार्यवाही करने की बजाय विभागीय अधिकारी कुम्भकरणी निद्रा में ऐसा सोए मौन हैं कि उन्हें कोई पता ही नहीं हैं। देखना होगा कि लगातार समाचार प्रकाशन के बाद शासन - प्रशासन संज्ञान लेते हैं या रेत माफियों पर मेहरबान होते हैं।

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