श्रीराम की नौनिहाल नगर पंचायत चंदखुरी में अवैध ईट भट्ठे संचालन धूल डस्ट से आमजन परेशान

श्रीराम की नौनिहाल नगर पंचायत चंदखुरी में अवैध ईट भट्ठे संचालन धूल डस्ट से आमजन परेशान 
    रायपुर (सुघर गांव)। 02 मई 2025,
जिले के जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत नगर पंचायत चंदखुरी प्रभु श्रीराम भगवान की नौनिहाल हैं जहां मुख्य मार्ग किनारे बड़े पैमाने पर अवैध ईंट भट्ठों का संचालन एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो न केवल पर्यावरणीय संकट को जन्म दे रहा है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुँचा रहा है। यहां भूजल स्तर में गिरावट के कारण जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गया है। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र में भीषण जल संकट की चेतावनी दी है, जो अवैध ईंट भट्ठों के संचालन से और भी गंभीर हो सकता है।
    प्रतिदिन आवागमन करने वालों श्रद्धालुओं पर्यटकों    को धूल डस्ट से हो रही परेशानी
    राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ विधानसभा से 07 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदखुरी कौसिल्या माता की जन्म भूमि भगवान प्रभु श्रीराम की नौनीहाल  प्रसिद्ध पर्यटन दर्शनीय स्थल होने से प्रतिदिन देश विदेश से सैकड़ो हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों आम जनताओं का आवागमन लगा रहता हैं।
जिन्हे मुख्य मार्ग से लगे अवैध ईंट भट्ठों की सफेद राख काले कोयले भूसी लकड़ी की उड़ते जहरीली धुए धूल डस्ट भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
 राजस्व और खनिज विभाग की संरक्षण में उनके नाक के नीचे चल रहा अवैध ईंट भट्ठों की संचालन बेखौफ़
      मंदिरहसौद तहसील अंतर्गत नगर पंचायत चंदखुरी, ग्राम पंचायत गोढ़ी,पीपरहट्ठा,नागपुरा सहित कई स्थानों में बिना आधार प्रमाण के नियम विरुद्ध अवैध ईंट भट्ठों की संचालन बेखौफ़ चल रहें हैं। जिस पर आएं दिन प्रिंट इलेक्ट्रोनिक समाचार पत्रों में मामले को उजागर करने पर भी जिम्मेदार राजस्व और खनिज विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा। इससे स्पष्ट हैं कि अवैध ईंट भट्ठों की संचालन राजस्व और खनिज विभाग की संरक्षण में उनके नाक के नीचे चल रहा हैं।
 अर्जुन पेड़ (कौहा) पोल्ट्री फार्म की भूसी काले सफेद रखाड़ डस्ट मिला कर अवैध गुणवत्ताहीन ईट का हो रहा निर्माण
       ईंट भट्ठों की संचालको द्वारा आयुर्वेद वृक्ष अर्जुन पेड़ (कौहा) की लकड़ी,पोल्ट्री फार्म मुर्गा की भूसी मल और काले कोयले सफेद रखाड़ डस्ट को मिट्टी रेत मिक्स कर अवैध रूप से गुणवत्ताहीन लाल ईट का निर्माण कार्य का गोरख धंधा का खेल चल रहा हैं। जिससे पर्यावरण जलवायु दूषित हो रहें हैं। हवा में जहरिले धुए धूल डस्ट से आमजनों का जन जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा हैं। जिस पर अंकुश लगाने जिम्मेदार विभागीय अधिकारियो को करना चाहिए। 
कार्यवाही नहीं होने से अवैध ईंट भट्ठों के संचालको का बढ़ा मनोबल
अवैध ईंट भट्ठों के संचालको पर राजस्व और खनिज विभाग की सख्त कार्यवाही नहीं होने से उनका मनमानी रवैया बढ़ते जा रहें हैं। एक ही व्यक्ति मुख्य मार्ग में शासकीय भूमि और कुछेक लोगों की निजी भूमि को अवैध रूप से किराएं में लेकर अनेकों स्थानों में बेधड़क ईंट भट्ठों का संचालन कर रहें हैं। जो बाहरी पेशे से कुम्हार हैं जिनके पास खुद की भूमि नहीं होता वें अन्य लोगों या शासकीय भूमि पर अवैध रूप से ईट निर्माण की धंधे में पारंगत हैं। नियम से सभी का कार्य होना चाहिए जिस पर राजस्व और खनिज विभाग को ध्यान देना चाहिए ताकि अवैध कार्य पर रोक लग सकें।

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