शासकीय भूमि में धधकते ईंट भट्ठे शासन - प्रशासन की नींद नहीं टूटी,ईंट के बदले पर्यावरण की बलि,नवागढ़ में अवैध निर्माण चरम पर, प्रशासन की चुप्पी में ईंट कारोबार की चांदी ही चांदी



शासकीय भूमि में धधकते ईंट भट्ठे शासन -  प्रशासन की नींद नहीं टूटी,ईंट के बदले पर्यावरण की बलि,नवागढ़ में अवैध निर्माण चरम पर, प्रशासन की चुप्पी में ईंट कारोबार की चांदी ही चांदी
     बेमेतरा (सुघर गांव)। 13 मई 2025, 
जिले के तहसील नवागढ़ अंतर्गत आने वाले ग्राम गोपालपुर (मक्खनपुर) से उठी अवैध ईंट निर्माण की चिंगारी अब पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है। जहां एक ओर इस गांव में शासकीय भूमि,पानी और पर्यावरण की खुली लूट हो रही है। वहीं नवागढ़ क्षेत्र के अन्य कई हिस्सों में भी इसी तरह अवैध ईंट भट्ठे का कारोबार फल -फूल रहा है। ग्रामीण केवल दास मानिकपुरी ने 25 फरवरी को तहसीलदार को दी गई शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया था कि गांव के शरद कुमार चतुर्वेदी द्वारा हाफ नदी किनारे शासकीय भूमि पर अवैध ईंट निर्माण किया जा रहा है। पानी की बर्बादी और शासकीय वृक्षों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाया गया, परंतु प्रशासनिक तंत्र की चुप्पी अब खुद एक सवाल बन गई है। हल्का पटवारी द्वारा मौके पर निष्पक्ष जांच के बजाय आरोपियों से मिलीभगत का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया है। कार्रवाई के अभाव में ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने को तैयार है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल गोपालपुर ही नहीं, बल्कि नवागढ़ क्षेत्र के अन्य ग्रामों में भी इसी तरह अवैध ईंट भट्टों का संचालन हो रहा है कहीं भी अनुमति नहीं, न ही पर्यावरणीय मानकों की चिंता। अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन इन अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाएगा या फिर क्षेत्र को ईंट की धूल में ही दफन होते देखता रहेगा?

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