गिरौदपुरी धाम मेले स्थलों और मंदिरो की साफ - सफाई में खर्च अधिक और व्यवस्था में लाचार विभागीय व्यवस्था में खानापूर्ति कर निभा रहें जिम्मेदारी

गिरौदपुरी धाम मेले स्थलों और मंदिरो की साफ - सफाई में खर्च अधिक और व्यवस्था में लाचार विभागीय व्यवस्था में खानापूर्ति कर निभा रहें जिम्मेदारी 
वार्षिक गुरूदर्शन गिरौदपुरी धाम त्रिदिवसीय संत समागम मेला की तैयारी पूर्णता की ओर 

04 से 06 मार्च 2025 तक होगा आयोजन 
झनन कुमार प्रेमी छत्तीसगढ़ ब्यूरो 
बलौदाबाजार (सुघर गांव)। 02 मार्च 2025,
छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म,कर्म,तपो,महिमा भूमि गिरौदपुरी धाम में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष फाल्गुन पंचमी से सप्तमी को 03 दिवसीय 04 से 06 मार्च 2025 तक विशाल संत समागम गुरू दर्शन मेला आयोजन होने जा रहा हैं।
   *तपो भूमि मंदिर की साफ सफाई रंग पोताई में    गुणवत्ताहीन किया गया हैं* 
जहां गिरौदपुरी धाम मंदिर की पेंट किया गया हैं जिसमें बिना किसी सफाई के किया गया। धूल और पुराने पेंट की पपड़ी को बिना साप किए पेंट किया गया है। ऐसे में पेंट की कलर धुंधला और पपड़ी साफ नहीं होने से पेंट लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होगा। यह कार्य सिर्फ मजदूरों के भरोसे से किया जा रहा है। इन सभी पर संबंधित विभागयी अधिकारी और जिसके माध्यम से कराया जा रहा है,वह स्वयं रह कर विशेष धन्य देकर कराना चाहिए। काम तो हो रहा है लेकिन सही से नहीं हो पा रहें है। 
*तस्वीरें और जमीनी हक्कीकत किसी से नहीं छिपा हैं* 
यह जानकारी  किसी को गलत ठहराने या कमी निकले के लिए  समाचार में प्रकाशित और पोस्ट नहीं कर रहे हैं,बल्कि इन सब पर सभी का विशेष ध्यान रहें और सही से काम हो। जहां प्रति दिन सर्व समुदाय से पर्यटक संत श्रद्धालु दर्शनर्थी देश विदेश और प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों से आवागमन करते हैं। उन्हें यहां की सर्व सुविधायुक्त लाभ अन्य समुदायों की धार्मिक पर्यटन स्थल में सुविधा मिलते हैं वैसा मिले। सरकार यहां किसी की हो निष्पक्ष भव से विकास पर ध्यान देना चाहिए। शासन प्रशासन से मेले की साफ सफाई पूर्ण व्यवस्था के लिए राशि मुहैया कराया जाता हैं उसका सदुपयोग होना चाहिए। मेले समय जल्दबाजी में चमक धमक दिखा कर जिम्मेदार विभागीय अधिकारीयों द्वारा खानापूर्ति किया जाता रहा हैं। यह सच्चाई किसी से नहीं छिपा हैं। यहां अन्य समुदाय की धार्मिक पर्यटन स्थलों से अधिक संख्या में संत श्रद्धालु दर्शनर्थी पर्यटक आवागमन करते रहते हैं। जिसको विशेष ध्यान रख कर निष्पक्षता रख उपेक्षा का शिकार नहीं बनाना चाहिए।

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