मुंगेली (सुघर गांव) 11 जनवरी 2025 जिला मुंगेली अंतर्गत विकासखंड पथरिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत घुठेली में शासकीय प्राथमिक शाला का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत घुठेली के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक की कमी है,प्रायमरी स्कूल में एक भी शिक्षक पढ़ाने वाले नहीं है ऐसे स्थिति में वर्ग - 02 के शिक्षक हीरालाल कुंभकार है। जिसे व्यवस्था के रूप में ग्राम घुठेली के प्राइमरी स्कूल का भागदौड़ कर सम्हाल रहे है और अकेले 01 से कक्षा 05 वीं तक पढ़ाते है। ऐसे में आप समझ सकते है कि एक अकेले शिक्षक और 05 क्लास कैसे संभालेगा ऊपर से ऑफिस का काम अब ऐसे में शिक्षा की स्थिति कैसे बद से बदतर है। आप सोच नहीं सकते ऊपर से इस स्कूल में एक टेप नल है ओ भी खराब हो गया है,
न ही बाथरूम चालू हालत में है, न ही पानी की व्यवस्था है और
शिक्षा की स्थिति भयावह है।
*स्कूल में पदस्थ शिक्षक का कहना क्या है*
प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हीरालाल कुंभकार का कहना है कि कक्षा 01से 05 तक टोटल विद्यार्थियों की संख्या 148 हैं। जिसके चलते एक शिक्षक का पुरे स्कूल के बच्चों को पढ़ा पाना किसी की बस की बात नहीं है। कई बार शिक्षक और प्रधान पाठक का मांग रख चुके है हीरालाल कुंभकार।
लेकिन कोई प्रधान पाठक यहां आना भी नहीं चाहते है क्योंकि एक शिक्षक 150 लोगो को एक साथ 05 क्लास को कैसे पढ़ाएगा।
ये सारी जानकारी तभी पता चला जब ग्राम घुठेली के निवासी परमेश्वर राजपूत स्कूल जाता है और एक पालक होने के नाते पूरे स्कूल का भ्रमण करता हैं।
*ग्राम के परमेश्वर राजपूत का कहना है कि स्कूल कि पढ़ाई कि स्थिति बहुत ही ख़राब है बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़*
परमेश्वर राजपूत का कहना है कि शिक्षा की स्थिति इतनी खराब है कि बच्चे को ठीक से अपना नाम भी लिखना नहीं आता है और एक शिक्षक 05 क्लास को क्या पढ़ा सकता है। साथ ही साथ यहां मिडिल स्कूल के शिक्षा भी काफी गिरी हुई है। मिडिल स्कूल में केवल 03 शिक्षक हैं जिसमें एक शिक्षक का काम ऑफिस का ही हो जाता है। यहां भी शिक्षा की स्थिति बदतर है जैसे - 8 वी कक्षा के बच्चे की अंग्रेजी में अपना नाम भी बताने नहीं आता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का नाम भी पता नहीं है। दूसरी ओर देखे तो यहां स्कूल के बच्चे को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है और न ही बाथरूम का व्यवस्था है जो टॉयलेट पुरानी बनी है उसकी कोई सफाई नहीं होता हैं।
छत्तीसगढ़ में और भी ऐसे कितने स्कूल हैं जिसमें शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है शासन को शिक्षा विभाग को इस स्कूलो के लिए शिक्षक की आवश्यकताओं को पूरी करते हुए सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। ताकि बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और मैं सभी अभिभावकों से निवेदन करता हूँ कि अपने - अपने गांव के स्कूल को बीच- बीच में जा कर स्कूल का निगरानी जरूर करें और ऐसे स्थिति का उच्च अधिकारी को अवगत कराते रहे और अपने घर में भी बच्चे को शिक्षा देते रहे ताकि आने वाले बच्चों के भविष्य उज्ज्वल हो।
*स्कूल परिसर में मूलभूत सुविधाओं का हैं आभाव*
वही स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का आभाव देखा गया है मूलभूत सुविधा जैसे कि पीने का पानी, बाथरूम,स्कूल परिसर में मूलभूत सुविधा का समुचित व्यवस्था नहीं है। स्कूल के बच्चों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है या पास में बांध से पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है।
जिससे बच्चों के जान में भी खतरा बना रहता है और साथ ही स्कूल परिसर में बाथरूम तो है लेकिन उपयोग के लायक नहीं है जिसमें गंदगी का अम्बार है। जिससे भी बच्चों के स्वास्थ्य को भी खतरा है और बाहर में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस समाचार के माध्यम से जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी के ध्यान आकर्षक करवाना चाहते है कि आगे इस पर क्या उचित कार्यवाही होती है। समाचार प्रकाशित होने पर देखना होगा कि क्या जिले के शिक्षा विभाग के जिम्मेदार उच्च अधिकारी इस पर विशेष संज्ञान लेकर बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षक की पूर्ति और स्कूल में अव्यवस्था मूलभूत को सुव्यावस्थित करने क्या उचित कदम उठाते हैं।
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