कुसमुंडा एसईसीएल कार्यालय के विरुद्ध श्रम सेवा भूविस्थापित कामगार संगठन करेंगे धरना प्रदर्शन..
दूसरी ओर कुसमुंडा जी.के. एसोसिएट कंपनी प्रबंधक अभिषेक सिंह ने किया ईपीएफ/पीएलआई, बोनस, वेतन, अटेंडेंस में बेशुमार चोरी
कोरबा जिला प्रशासन को एसईसीएल अधिकारियों और एसईसीएल के अधीन भ्रष्टाचारी कंपनियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की आवश्यकता..
जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो प्रमुख (छ.ग.)
कोरबा जिला उद्योग नगरी है इस नगरी में बेरोजगारों की कमी नहीं। स्थाई निवासी बेरोजगारी से जूझ रहे हैं ऐसे में अन्य प्रदेश के मजदूरों को एसईसीएल विभाग तथा एसईसीएल के अधीन कार्यरत आउटसोर्सिंग निजी ठेका कंपनियों में बिना अनुभव के बाहरी श्रमिकों को काम पर रखा जा रहा है। अन्य प्रांत के बाहरी श्रमिकों को कंपनी से बाहर निकाल कर भूविस्थापित श्रमिक, स्थाई निवासियों, बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता देने की आवाज श्रम सेवा स्थापित कामगार संगठन ने पहल करते हुए कुसमुंडा एसईसीएल को चेतावनी दी है।
दूसरी ओर जानकारी मिली है कि जी.के. कंपनी संचालक अभिषेक सिंह ने मजदूर, श्रमिकों के हक, अधिकार का हनन कर रहे हैं। जी के. कंपनी के कर्मचारियों ने उनके ऊपर भ्रष्टाचार व चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया गई है जिसकी जांच के लिए शिकायत की गई है। मजदूरों ने अभिषेक सिंह के ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का मांग किया है।
प्रमुख समस्याएं निम्नानुसार है-
1. सभी ठेका मजदुरो का नाम क्लिप पोर्टल में दाखिल किया जाये एवम जितने मजदुरो का नाम क्लिप पोर्टल में दाखिल है उनकी जानकारी ठेका मजदुरो को प्रदान की जाये।
2. खदान में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को (यु ए एन) नम्बर प्रदान किया जाये।
3. एसईसीएल कुसमुंडा में नियोजित विभिन्न ठेका कंपनियों में मजदूरों से प्रावधान के विरुद्ध 8 घंटे से ज्यादा कार्य लिया जा रहा है एवं 8 घंटे का मजदूरी दर प्रदान किया जा रहा है। ऐसे ठेकेदारों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करते हुए कार्य का समय 8 घंटा सुनिश्चित किया जाए ।
4. खदान में ठेकेदारों के द्वारा मजदूरों को निर्धारित मजदूरी से कम राशि भुगतान की जा रही है। कानूनी कार्यवाही से बचने
हाजिरी को कम दिखाकर एलपीसी में पूरी मजदूरी दिखाकर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। कई ठेकेदारों के द्वारा मजदूरों को नगद भुगतान की जा रही है। सभी ठेका मजदूरों की हाजिरी एसईसीएल के द्वारा दर्ज करने की व्यवस्था की जाए एवं जॉब कार्ड प्रदान की जाए जिससे कि इस समस्या का निदान हो सके।
5. कुसमुंडा खदान विस्तार हेतु वर्तमान में पाली, पड़निया, सोनपुरी, जटराज, रिसदी एवं पूर्व में 10 ग्राम जरहाजेल, दूरपा,बरपाली, गेवरा, दुल्लापुर, बरमपुर, खम्हरिया, मनगांव, अँसमाखार, नराईबोध करके कुल 20 गांवों के भूमि का अधिग्रहण किया गया है। पुराने प्रकरण में विभिन्न कारणों से रोजगार नहीं मिलने एवं CIL पॉलिसी 2012 लागू करने से पूरे कुसमुंडा क्षेत्र में कई
हजार खातेदार रोजगार से वंचित हो गए हैं। इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय विभिन्न ठेका कंपनी में दूसरे जिले और अन्य प्रदेशों के बेरोजगारों को कार्य पर रखा जा रहा है। जिस पर कार्यवाही की जाए।
6. ठेका मजदूरों के लिए स्वास्थ्य कार्ड प्रदान की जाए जिससे परिवार के सभी सदस्यों का इलाज कराया जा सके एवं गंभीर स्थिति के लिए एसईसीएल के मान्यता प्राप्त सभी हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित हो सके।
7. भूविस्थापित बेरोजगारों को खदान में भारी वाहन एवं हल्के वाहन लगाने की तुरंत व्यवस्था की जाए जो केवल खदान प्रभावित व्यक्ति के लिए हो जिसके लिए किसी टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता न हो।
8. खदान में कार्यरत ठेका मजदूरों के लिए रियायती दर पर सर्व सुलभ कँटीन की व्यवस्था की जाए।
9. खदान में मजदूरों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने हेतु आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए ।
10. सर्वमंगला कमबेरी मार्ग में भारी कोयला वाहन के चालको द्वारा लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर पशुओं को ठोकर मार कर कुचल दिया जा रहा है। इसे रोकने व सड़क में मवेशी हटाने हेतु व्यवस्था की जाए एवं वाहन की गति सीमा निर्धारित कराई जाए।
11. इमलीप्रपर से सर्वमंगला कनबेरी मार्ग धूल से भरा हुआ है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। भारी वाहनों के बहने से रका अंबार उड़ते रहता है, एवं सड़क अंधेरा होने के कारण हमेशा दुर्घटना घट रही है। इसे रोकने हेतु त्वरित रूप से सड़क सफा की व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए।
12. खदान के चारों और सुरक्षा हेतु फेंसिंग से घेराव किया जाये
13. ठेका मजदूरी को नियमितीकरण किया जाये।
14. मकान किनारे हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाते हुये एस ई सी एल गेवरा परियोजना के भांति ड्रिल पध्दति से खुदाई की जाये।
15. कोयला खदान में एसईसी एल कुसमुंडा द्वारा टैंडर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, टैंडर के लाभानुसार जन आपूर्ति बीच बीच में प्रदान किया जा रहा है तथा ठेकेदार को पुरे कार्य का टेन्डर के अनुरूप भुगतान किया जा रहा है, यह भ्रष्टाचार पिछले 3 व 4 वर्षों से लगातार जारी है। पेयजल के सम्बंध में शिकायत करने पर कम्पनी के द्वारा टेंडर के दस्तावेज दिखाकर यह साबित किया जाता है कि खदान प्रभावित क्षेत्र के सभी गाव मे पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जबकि यह कार्य केवल कागजी सीमित है, ठेकेदारों से सांठगाठ कर भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है।
16. ठेका मजदूरों को कोयला खदान में लाने व ले जाने के लिए तत्काल बस सुविधा उपलब्ध कराई जाये ।
17. एस ई सी एल के स्थायी कर्मचारियों के साथ ही सभी ठेका मजदूरों को दशहरा त्योहार के पूर्व पायलेटआई बोनस भुगतान किया जाये।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त सभी समस्याओं समय पर निराकरण नहीं होने पर दिनांक 09-09-2025 को एसईसीएल कुसमुंडा कार्यालय का घेराव करने के लिये श्रम सेवा भूमि स्थापित कामगार संगठन बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एस ई सी एल कुसमुंडा प्रबंधन और जिला प्रशासन कोरबा की होगी।





0 Comments