विष्णु यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव)। पाली ब्लॉक के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, उतरदा में सोमवार को मेगा पालक-शिक्षक सम्मेलन बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक, मानसिक और नैतिक विकास के लिए एक प्रेरणादायी मंच साबित हुआ।
मां सरस्वती की वंदना से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर और पूजा-अर्चना के साथ हुई। संस्था प्रमुख पी. पी. अंचल ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के लिए उनका नियमित विद्यालय आना और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
गांव का स्कूल, गांव की जिम्मेदारी :- वरिष्ठ पालक बी. पी. वरकड़े ने भावुक शब्दों में कहा, "यह स्कूल सरकारी नाव के हे, असल में ये हमर गांव के हे"। उन्होंने बताया कि सरकार संसाधन उपलब्ध कराती है, लेकिन उनका संरक्षण और बच्चों की शिक्षा में प्रगति की जिम्मेदारी गांव के नागरिकों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की है। दिलीप पोर्ते ने विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षक-पालक संवाद और संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
पूर्व छात्र अब शिक्षक बने प्रेरणा स्रोत :- व्याख्याता उत्तम सिंह मरावी ने गर्व से बताया कि वे इसी विद्यालय के छात्र रहे हैं और आज अंग्रेजी के व्याख्याता के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की अपील की।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, मानसिक एवं नैतिक विकास के लिए शिक्षक, पालक, समुदाय एवं जनप्रतिनिधीगण सामने आए_ राकेश टंडन
ग्राम पंचायत का पूरा सहयोग :- उपसरपंच राकेश कुमार जायसवाल ने विद्यालय की समस्याओं के समाधान और विकास में ग्राम पंचायत की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। सरपंच लक्ष्मीबाई मरावी ने विद्यालय में शौचालयों में जल सुविधा, सिंटेक्स एवं पाइपलाइन की व्यवस्था और सीसी रोड निर्माण का संकल्प लिया।
भविष्य में भी होंगे ऐसे सम्मेलन
आभार व्यक्त करते हुए व्याख्याता अनुज कुमार जांगड़े ने शिक्षा के विकास में पालकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और भविष्य में ऐसे सम्मेलन गांव-गांव आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विक्की मरावी (एसएमडीसी सदस्य), प्रेम वरकड़े (पंच), एवं व्याख्यातागण नारेंद्र कुमार पाटले, नीलिमा सोनी, ममता मांडले, निर्मला शर्मा, सुशीला पैगोर, सुधीर कुमार चंद्रा, राजेंद्र कैवर्त्य सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे , इस आयोजन ने साबित किया कि जब शिक्षक, पालक और समाज एकजुट होकर शिक्षा की मशाल जलाते हैं, तो बच्चों का भविष्य सुनहरा और संस्कारमय बनता है।
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