जातिगत प्रताड़ना का आरोप निकला मनगढ़ंत - पाली के मितानिन प्रशिक्षकों ने खोला राज,दोषी पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 13 अगस्त 2025,
पाली विकासखंड के मितानिन प्रशिक्षकों और ब्लॉक समन्वयकों ने ग्राम रजकम्मा निवासी राधेश्याम खांडेय को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में प्रशिक्षकों ने आरोप लगाया है कि खांडेय ने द्वेषपूर्ण मंशा से जातिगत प्रताड़ना का झूठा और निराधार आरोप लगाकर पूरे मितानिन परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। ज्ञापन के अनुसार, 25 जुलाई 2025 को मितानिन प्रशिक्षण भवन में बैठक आयोजित थी, जिसमें सभी वर्गों के 60 से अधिक सदस्य उपस्थित थे। बैठक का एजेंडा केवल 29 जुलाई को रायपुर में होने वाली सांकेतिक हड़ताल पर चर्चा करना था, किंतु खांडेय ने बिना किसी कारण इस बैठक को जातिगत विवाद का रूप देकर मीडिया और प्रशासन को भ्रामक जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि पिछले 22 वर्षों के मितानिन कार्यक्रम में कभी भी जातिगत प्रताड़ना जैसी कोई घटना दर्ज नहीं हुई। ऐसे में खांडेय का यह कदम न केवल कार्यस्थल के माहौल को बिगाड़ने वाला है, बल्कि समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने वाला भी है। उन्होंने चेताया कि भविष्य में भी ऐसे मनगढ़ंत आरोप लगाकर वह कार्य में बाधा डाल सकते हैं, इसलिए अब उनके साथ काम करना संभव नहीं है। मितानिन प्रशिक्षकों ने कलेक्टर से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “असत्य आरोप लगाने वाले को उदाहरण स्वरूप दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति झूठी कहानियों के जरिए समाज में नफरत फैलाने और किसी की प्रतिष्ठा धूमिल करने की हिम्मत न कर सके " इस संबंध में प्रशिक्षकों ने समाचार पत्र की कटिंग, शिकायत पत्र की प्रति और व्हाट्सऐप ग्रुप के स्क्रीनशॉट भी सबूत के रूप में प्रशासन को सौंपे हैं । अब पूरा मामला कलेक्टर की मेज़ पर है, और मितानिन प्रशिक्षक उम्मीद कर रहे हैं कि दोषी पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई होगी।
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