प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव ) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यक्रम योजना प्रभारी राजेश यादव को ग्राम पंचायत छिंदपुर के मिडिल स्कूल के हेड मास्टर द्वारा झंडा न फहराने व चपरासी के विषय पर कृष्णानंद राठौर ने पत्र लिखकर उनका अन्यत्र स्थानांतरण की मांग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित उच्चाधिकारियों से किया गया था, जिस पर आपसी समझौता हुआ है. ज्ञात हो कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर छिंदपुर के मिडिल स्कुल में झंडा भी नहीं फहराया गया प्रधान पाठक का यह कृत्य वास्तव में बहुत ही निंदनीय है, भाजपा नेता यादव ने कहा कि यदि शिकायत सत्य है, तो ऐसी स्थिति में ऐसे में प्रभारी सागर टंडन प्रधान पाठक को ग्राम छिंदपुर में प्रधान पाठक बने रहने का अधिकार नहीं है उन्हें तत्काल निलंबित किया करने की मांग की गई थी. इस वर्ष हर घऱ, घर-घऱ तिंरंगा फहराने शासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया था विधायक प्रतिनिधि कृष्णनंद राठौर ने बताया कि विद्यालय में बच्चों का शिक्षा दीक्षा का स्तर बहुत ही कमजोर तथा स्तरहीन है 15 अगस्त को विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं किया गया.
विद्यालय के चपरासी उमा शंकर पाटले जो कि छिंदपुर ग्राम का ही निवासी है उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्माण नहीं किया जाता है. बच्चों से सफाई करवाता है.छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के गुणवत्ता के लिए विभिन्न प्रकार के लोकाचार का प्रयोग कर शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगा है लेकिन ग्राम पंचायत के छिंदपुर के प्रभारी प्रधान पाठक सागर टंडन तथा चपरासी उमाशंकर पाटले सरकार के नियमों को धता बताकर उल्लंघन करते हुए अपना राज स्कुल में चला रहे हैं भाजपा नेता श्री यादव ने कहा की ऐसे प्रधान पाठक को ग्राम पंचायत छिंदपुर से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए ताकि बच्चों का भविष्य संवारा जा सके.भाजपा युवा मोर्चा के जिला कार्य समिति सदस्य व विधायक प्रतिनिधि कृष्णनंद राठौर ने लखनलाल देवांगन उद्योग श्रम आबकारी मंत्री, प्रेमचंद पटेल कटघोरा विधायक, जिला कलेक्टर कोरबा,जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा, राजेश यादव प्रदेश कार्यक्रम योजना प्रभारी बीजेपी छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न लोगों से स्कूल के शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करते हुए प्रधान पाठक व चपरासी को अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग किया था. जिस पर आज ग्रामीणों ने जाँच दल के साथ बैठकर आपसी सहमति से समझौता किया है. समझौता तो दोनों पक्षों में हुआ है, लेकिन छात्र हित को दरकिनार किया गया. आपसी सहमति में यह तय नहीं हुआ यदि हेड मास्टर व चपरासी ने गलती किया है तो माफ़ी क्यों नहीं माँगा .जनभागीदारी समिति तो बनाया गया है लेकिन क्या वह अपनी भागीदारी गंभीरता से निभाते है।
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