सुबोध शर्मा ब्यूरो चीफ
बिलासपुर (सुघर गांव)। 02 मई 2025,
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान मौत के मामले में सरकंडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपोलो अस्पताल के तत्कालीन डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कर गुरुवार को वैधानिक कार्रवाई करते हुए सरकंडा पुलिस टीम के द्वारा दमोह जेल से गिरफ्तार कर हिरासत में ले कर बिलासपुर लाया गया। सरकंडा पुलिस थाना से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एवं विधायक पंडित स्व राजेंद्र प्रसाद शुक्ला दिनांक 02 अगस्त 2006 को अपोलो अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती हुए थे,
जिनका एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के दौरान मौत हो गई थी। उनके पुत्र डॉ.प्रदीप शुक्ला द्वारा शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदक के आवेदन को गंभीर अपराधिक घटना मानते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ कर उक्त मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर,अपोलो अस्पताल प्रबंधन एवं पुलिस अधीक्षक दमोह से रिपोर्ट मंगाया गया एवं पुलिस द्वारा अपने स्तर पर जांच प्रारंभ किया गया और जांच के बिंदु को आरोपी डॉक्टर के डिग्री पर फोकस किया गया।
डॉक्टर के अस्पताल में नियुक्ति संबंधी दस्तावेज प्राप्त किया गया। पाया गया कि DM कार्डियोलॉजी का डिग्री फर्जी है एवं छ ग मेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं है। इस आधार पर पाया गया कि आरोपी डॉक्टर को एंजियोप्लास्टी करने का अधिकार ही नहीं था,मामला चिकित्सकीय लापरवाही का न होकर क्रूरतम अपराधिक मानव वध का है। अतः डॉ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम एवं अपोलो प्रबंधन के विरुद्ध थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 563/2025,धारा – 420,466,468,471,304,34 भादवि के अंतर्गत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है।
आरोपी डॉ.नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम के गिरफ्तारी हेतु मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय दमोह से अनुमति प्राप्त कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय बिलासपुर से आरोपी को बिलासपुर लाने हेतु प्रोडक्शन वारंट के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लाया जा रहा है। पुलिस द्वारा क्रूरतम अपराधिक मानव वध का मामला मानकर प्रत्येक बिंदु पर वैधानिक पहलुओं का ध्यान रखते हुए कार्यवाही किया जा रहा है। डॉ.नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के अस्पताल में पदस्थापना अवधि में उपचार किए गए समस्त मरीजों को जांच में शामिल किया गया है । विवेचना के दौरान एक अन्य मरीज स्व भगत राम डॉ डोडेजा की भी मृत्यु होना ज्ञात हुआ है,अतः उनके मौत को भी जांच में शामिल किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों को कठोरतम दंड दिलाने हेतु कार्रवाई की जा रही है।दोषी शीघ्र ही पुलिस गिरफ्त में होंगे।
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