भटगांव में बार-बार गलत नियुक्ति का खेल,कब सख्त होगा शासन - प्रशासन?

भटगांव में बार-बार गलत नियुक्ति का खेल,कब सख्त होगा शासन - प्रशासन?
      बिलाईगढ़ (सुघर गांव)। 02 मई 2025,
महिला एवं बाल विकास विभाग, भटगांव परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पद पर लगातार हो रही गलत नियुक्तियों ने शासन-प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत घोघरा में हाल ही में सामने आए मामले में पात्र महिला को दरकिनार कर अपात्र महिला की नियुक्ति कर दी गई। यह कोई पहला मामला नहीं है – विभाग की कार्यशैली पर पहले भी उंगलियां उठ चुकी हैं। इस बार मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद अपात्र नियुक्त महिला संजना खूंटे को हटा कर सोनिया टंडन को नियुक्त किया गया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी?
    वार्ड नंबर 12 में भी दोहराया गया घोटाला
ताजा शिकायत नगर पंचायत भटगांव के वार्ड क्रमांक 12 से आई है,जहां पार्वती बंजारे ने भी गलत नियुक्ति का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में विभागीय अधिकारियों पर सांठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। अब पार्वती बंजारे ने न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
      कब तक चलता रहेगा यह खेल?
क्यों पात्र महिलाओं को उनके हक के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ रही है? क्यों विभाग में एक ही पैटर्न पर गड़बड़ी की पुनरावृत्ति हो रही है? क्यों अब तक सिर्फ नियुक्तियां बदली जा रही हैं, पर भ्रष्ट अधिकारी बचे हुए हैं?
 घोघरा का मामला बना मिसाल,पर क्या होगी असली कार्रवाई?
घोघरा पंचायत में गड़बड़ी उजागर होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी विजेंद्र ठाकुर ने जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के दायरे में सिर्फ नीचे के कर्मचारी आएंगे या ऊंचे स्तर के अफसरों पर भी गाज गिरेगी? छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक ओर भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर भटगांव परियोजना कार्यालय बार-बार विवादों में घिरता जा रहा है। यह विभाग,सरकार की नीतियों और छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
अब देखना यह है कि भटगांव में चल रहे इस नियुक्ति घोटाले में शासन-प्रशासन कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाता है। क्या इस बार सिर्फ खानापूर्ति होगी या फिर वास्तविक दोषियों पर भी कार्रवाई होगी? 
यह आने वाला समय बताएगा।

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