राइस मिल की धूल से सड़क दुर्घटनाएँ: प्रशासन की अनदेखी से बढ़ता खतरा

 राइस मिल की धूल से सड़क दुर्घटनाएँ:
 प्रशासन की अनदेखी से बढ़ता खतरा
बस चालक ने बाइक सवारों को ठोका नाजुक हालत में सिम्स रिफर
   कोमल देवांगन जिला ब्यूरो 
मुंगेली (सुघर गांव)। 13 मार्च 2025, घटना जरहागांव के पथरिया मोड़ समीप हनुमान राइस मिल के पास की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  राइस मिलो का भूसी मुख्य सड़क पर उड़ता रहता है जिनके कारण उड़ रही धूल आंखें में चले जाती है। जिनके कारण अनियंत्रित हो कर बाइक बस के सामने में जा घुसा। मिली जानकारी के अनुसार जरहागांव से बिलासपुर मुख्य सड़क मार्ग में राइस मिलों से निकलने वाली धूल न केवल स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर रही है,बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी प्रमुख कारण बन रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मिलों से उठने वाली धूल के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है,जिससे वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बस और बाइक की भिड़त में दो युवक हुए गंभीर रूप से घायल
बस और बाइक की भिड़त  हुआ। जिसमें बाइक सवार 02 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र लाया गया,जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया गया है। मिली जानकारी की मुताबिक ग्राम समडील नवापारा निवासी मुस्कान लश्कर पिता शोभित राम उम्र 26 वर्ष अपने साथी देवेंद्र मेहर पिता परदेसी मेहर उम्र 25 वर्ष के साथ पल्सर बाइक में बैठकर मुंगेली की ओर जा रहे थे तभी पथरिया मोड़ के पास विपरीत दिशा से आ रही बस ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए बाइक सवार को जबरदस्त ठोकर मार दिया जिससे 02 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
    स्थानीय प्रशासन की उदासीनता
धूल प्रदूषण के इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन की निष्क्रियता से जनता में रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नही किया जा रहा है जिसके कारण आय दिन दुर्घटना होते रहते है। 
       स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
धूल के लगातार संपर्क में रहने से स्थानीय निवासियों में सांस संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।            
            सड़क सुरक्षा पर प्रभाव
धूल के कारण सड़क पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन मिलकर राइस मिलों पर सख्त कार्रवाई करें। मिल मालिकों को धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
       स्वास्थ्य जांच शिविर
 प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएँ। राइस मिलों से निकलने वाली धूल एक गंभीर समस्या बन गई है, जो न केवल स्वास्थ्य बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस मुद्दे पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि जनता को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके। कमल किशोर पाटनवार ने कहा कि राइस मिलो से भूसी उड़ने से सड़क हादसे का लोग शिकार होने के बात सामने आई है। जिसे जांच  कराया जाएगा। थाना प्रभारी जरहागांव सुशील कुमार बंछोर ने बताया कि मुंगेली से बिलासपुर की ओर जा रहे बस से बाइक चालक टकराकर घायल हो गए। जिसे तत्काल अस्पताल भेज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

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