शहर में सरे आम का हो रहा कोटपा एक्ट का उल्लंघन, शासन - प्रशासन बेखबर
सुबोध शर्मा ब्यूरो चीफ
बिलासपुर। 31 जनवरी 2025, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को निषेध बनाने का नियम तो बना दिया गया,किंतु इसका पालन आज तक जिले में नहीं कराया जा सका है। 02 वर्षों में यहां सिर्फ कमेटी बनाने का ही काम चल रहा। कई बार कमेटी बनी और उसमें बनाए गए सदस्यों का ट्रांसफर जिला से बाहर हो गया,पर आज तक कोटपा एक्ट का जिले में सख्ती से पालन नहीं किया जा सका। ऐसे में आज भी सार्वजनिक स्थलों पर लोग खुले आम सिगरेट और बीड़ी फूंकते नजर आते हैं। सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल कॉलेज सिनेमाघर रेस्टोरेंट शासकीय कार्यालय से 100 गज की दूरी तक पान मसाला वह तंबाकू के उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी कुछ शासकीय कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों के ठीक बगल में ही पान मसाला तंबाकू उत्पाद व सिगरेट की बिक्री जारी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के ठीक सामने ही बेफिक्री से तंबाकू उत्पादों की बिक्री जारी है।
प्रशासन का निजात अभियान भी हुआ फेल
शहर में धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों को रोक लगाने के लिए कुछ साल पहले पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन ने मिलकर निजात नामक मुहिम चलाई जिसका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों सिगरेट पर रोक लगाना था। निजात अभियान भी शहर में फेल होता नजर आ रहा है
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू पदार्थ सिगरेट का सेवन प्रतिबंधित है। उसके विपरीत भी कुछ शैक्षणिक संस्थाओं के 100 गज के भी कम दूरी पर तंबाकू पदार्थ का विक्रय हो रहा है दुकान खुली हुई है, जिससे बच्चे वहां सिगरेट के धुए मारते हुए नजर आ जाते हैं।
यह है दंड का प्रावधान
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान,सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा 21 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना गया है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले को 200 रुपए का जुर्माना किए जाने का प्रावधान है।
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