क्या धृतराष्ट्र बने कटघोरा DFO कुमार निशांत...फर्जी पट्टा दिखाकर वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा!

क्या धृतराष्ट्र बने कटघोरा DFO कुमार निशांत...
फर्जी पट्टा दिखाकर वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा!
 सबूत देने के बाद भी दिखाई नही देना रेंजर की मिलीभगत और डीएफओ की निष्क्रियता से अतिक्रमण जारी, अंधा भी बता देगा परिसर के अंदर अवैध अतिक्रमण,
DFO से भूमाफिया के खिलाफ वन अधिनियम के तहत् कार्यवाही करने की मांग…
   कोरबा (सुघर गांव)। 30 नवंबर 2024,
कटघोरा वन विभाग में फैला गंदगी किसी से छिपा हुआ नही है। करोड़ों रूपये का घोटाला तो आम हो रखा है, करोड़ों रुपए खा कर भी विभाग के अधिकारियो का पेट नही भरा है। जिसके कारण अब भू माफिया से लेनदेन करके वन भूमि पर कब्जा करवाने में लगे हुए है।
 उसमे भी ऐसी भूमि जिस पर 50 वर्ष पूर्व से विभाग का बाउंड्री वाल बना हुआ है उक्त भूमि पर भू माफिया कब्जा कर रहे है और डीएफओ कुमार निशांत का कहना है कि परिसर के अंदर होगा तो कार्यवाही करेंगे। अब डीएफओ साहब को सारे दस्तावेज और सबूत देने के बाद भी की निर्माण बाउंड्री के अंदर हो रहा है, डीएफओ धृतराष्ट्र बन कर अनदेखा कर रहे है।
 जिसका परिणाम ये है की पसान रेंजर राम निवास दहायत्त बेखौफ कब्जा करवाने में लगे हुए है। उक्त मामले में जहा विभाग को स्वत संज्ञान लेकर कार्यवाही करना था उल्टा आवेदन देने के बाद आवेदनकर्ता को रेंजर देख लेने की धमकी देते है।
         क्या था मामला,
डीएफओ को आवेदन के माध्यम से बताया की पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन विभाग के आवासीय परिसर खसरा नं.181/2 रकबा 0.2020 हेक्ट भूमि जो कि रिकार्ड में डीएफओ नार्थ वन मंडल अधिकारी बिलासपुर के नाम पर दर्ज है। जिस पर पसान वन विभाग का आवासीय परिसर है भवन निर्मित है। उक्त वन भूमि पर पसान के भूमाफिया दिलीप साहू के द्वारा 180/3, एवं 180/5 खसरा नंबर भूमि का फर्जी पट्टा दिखाकर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है,जबकि 180 नंबर की भूमि भी बड़े झाड़ जंगल मद की भूमि है।
उक्त भूमि को तत्कालिन तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारियों से साठ गाठ कर फर्जी पट्टा बनवाकर बड़े झाड़ जंगल मद की भूमि एवम् वन भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है।
महोदय भू माफिया के हौसले इस कदर बुलंद है की 50 साल पुरानी वन भूमि की बाउंड्री वॉल के अंदर राजस्व का फर्जी पट्टा दिखा कर कब्जा कर दुकान मकान का निर्माण खुलेआम किया जा रहा है खुलेआम वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण के साथ साथ विभाग की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। अतः आपसे निवेदन है की तत्काल वन भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर स्टे रोक लगाते हुए खसरा नंबर 181/2 की भूमि को संरक्षित करने एवम् माफिया द्वारा दिखाए जा रहे फर्जी पट्टा खसरा नंबर 180/3, 180/5 की विस्तृत जांच कर मामले में अतिक्रमणकारियों पर वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) के तहत कार्रवाई एवं अन्य वन विभाग के अधिनियम के तहत् कड़ी कार्यवाही करने की कृपा करे।

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