राशन दुकानों के साथ पेट्रोल पंपों पर भी होगी बिक्री; ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 09 अप्रैल 2026, ऊर्जा धानी कोरबा के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से अब जिले में केरोसिन (मिट्टी के तेल) का सूखा खत्म होने जा रहा है। ईरान-इजराइल संकट के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा दबाव के बीच, सरकार ने अप्रैल महीने से केरोसिन की सप्लाई बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
कोरबा के लिए विशेष आवंटन 24 किलोलीटर का कोटा जारी
खाद्य विभाग छत्तीसगढ़ ने कोरबा जिले के लिए विशेष रूप से 24 किलोलीटर (24,000 लीटर) केरोसिन आवंटित किया है। जिला प्रशासन और खाद्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस स्टॉक का उठाव कर जल्द से जल्द उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) तक पहुँचाया जाए। इस बार क्या है खास..? (बदली हुई वितरण व्यवस्था)
राशन दुकान और पेट्रोल पंप
पहली बार कोरबा के नागरिक न केवल राशन दुकानों से, बल्कि जिले के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन खरीद सकेंगे।
शहरी बनाम ग्रामीण कोटा
कोरबा नगर निगम जैसे शहरी क्षेत्रों में प्रति कार्ड 1 लीटर, जबकि वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे करतला, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा) में प्रति कार्ड 2 लीटर तक तेल मिलने की संभावना है।
पात्रता
यह सुविधा मुख्य रूप से अंत्योदय (गुलाबी) और प्राथमिकता (नीला/लाल) राशन कार्ड धारकों के लिए सुनिश्चित की गई है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध की स्थिति के कारण LPG (रसोई गैस) की कीमतों और उपलब्धता पर भारी दबाव है। आम आदमी की रसोई का बजट न बिगड़े, इसलिए सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए केरोसिन को एक 'बैकअप' ईंधन के रूप में उतारा है।
कीमत और समय सीमा
यह आपातकालीन व्यवस्था 29 मार्च 2026 से प्रभावी हो चुकी है। कोरबा में इसकी अनुमानित कीमत ₹75 से ₹85 प्रति लीटर के बीच रहने के आसार हैं। प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं और पेट्रोल पंपों के लिए अधिकतम 5,000 लीटर की स्टॉक लिमिट तय की है।
अपील
कोरबा के नागरिक अपनी नजदीकी राशन दुकान या डीलर से संपर्क कर स्टॉक की उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं।
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